बरेली। शहर में सड़क बनी और कुछ समय बाद बिजली, पानी या फाइबर लाइन के लिए फिर खोद दी गई, भविष्य में इस परेशानी को कम करने के लिए सड़क निर्माण का तरीका बदलने पर मंथन शुरू हो गया है। बुधवार को लखनऊ में हुई कार्यशाला में शहरी सड़कों को विश्वस्तरीय मानकों पर विकसित करने के लिए डिजाइन से लेकर निर्माण और आधुनिक तकनीक तक पर चर्चा हुई। इसमें प्रदेश के सभी नगर निगमों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में बरेली नगर निगम की ओर से शहर में चल रहे प्रमुख विकास कार्यों और प्रस्तावित परियोजनाओं का प्रजेंटेशन दिया गया। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य और मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बरेली में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर किए जा रहे कामों के साथ भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी के मुताबिक अलग-अलग नगर निगमों ने अपने शहरों में चल रहे प्रोजेक्ट और सड़क सुधार की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस दौरान इस बात पर फोकस रहा कि शहरों में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर कैसे विकसित किया जाए, जो मौजूदा जरूरतों के साथ आने वाले वर्षों का दबाव भी संभाल सके।
सिर्फ सड़क नहीं, नीचे की प्लानिंग भी होगी अहम
मंथन का बड़ा मुद्दा सड़क के नीचे और आसपास मौजूद सुविधाएं रहीं। सड़क निर्माण के समय ही बिजली लाइन, फाइबर और दूसरी यूटिलिटी सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया गया। मकसद यह है कि नई सड़क बनने के बाद अलग-अलग कामों के लिए बार-बार खुदाई की नौबत कम आए। इसके साथ ही सड़क की योजना में ड्रेनेज, फुटपाथ और दूसरी जरूरी सुविधाओं को शामिल करने पर चर्चा हुई। बारिश में जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर सड़क के साथ ही मजबूत जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत बताई गई।
बारिश में पानी और जाम, दोनों का निकालेंगे हल
कार्यशाला में नगर निगम क्षेत्रों की प्रमुख और अंदरूनी सड़कों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। खराब सड़कों और मरम्मत की जरूरत वाले हिस्सों के साथ सड़क चौड़ीकरण, नाला-पटरी निर्माण और दूसरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति पर फीडबैक लिया गया। प्रमुख चौराहों और जाम वाले स्थानों के साथ फुटपाथ, पार्किंग और सड़क सुरक्षा के इंतजाम भी चर्चा के केंद्र में रहे। अधिकारियों से इनसे जुड़े कार्यों और मौजूदा स्थिति की जानकारी ली गई।
सड़क ऐसी बने कि जल्दी मरम्मत की नौबत न आए
सड़क की मजबूती और उम्र बढ़ाना भी कार्यशाला का अहम एजेंडा रहा। आधुनिक तकनीक और बेहतर निर्माण पद्धति से ऐसी सड़कें तैयार करने पर जोर दिया गया, जिनकी गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे। भविष्य में खुदाई और बार-बार होने वाली मरम्मत से लोगों को होने वाली परेशानी कम करने के विकल्प भी तलाशे गए। अलग-अलग शहरों के अधिकारियों ने अपने यहां अपनाई जा रही तकनीक और काम करने के तरीकों को साझा किया। इससे सफल प्रयोगों को दूसरे नगर निगमों में भी जरूरत के हिसाब से अपनाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
नगर निगम-PWD में तालमेल पर भी जोर
सड़क परियोजनाओं में देरी और अलग-अलग विभागों के काम के कारण होने वाली परेशानी को देखते हुए नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। लक्ष्य यह है कि सड़क और उससे जुड़े दूसरे काम एक योजना के तहत हों और परियोजनाएं समय पर पूरी की जा सकें। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कार्यशाला में बरेली में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की गई। बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण निर्माण के जरिए शहरी सड़कों को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए साझा कार्ययोजना पर मंथन हुआ।