बरेली। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए मंगलवार को गुरु नानक खालसा इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला कल्याण विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में छात्राओं और महिलाओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई गई।
महिला कल्याण विभाग की टीम ने बताया कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए शासन स्तर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जानकारी के अभाव में कई बार पात्र लोग इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। ऐसे में विभाग की ओर से अभियान चलाकर महिलाओं और बालिकाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है। कार्यक्रम में योजना की पात्रता से लेकर आवेदन करने की प्रक्रिया तक के बारे में विस्तार से बताया गया।
कन्या सुमंगला से बाल सेवा योजना तक की जानकारी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में बताते हुए इसके तहत मिलने वाली सहायता और पात्रता की जानकारी दी गई। इसके साथ ही पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं के लिए संचालित पेंशन योजना के बारे में भी बताया गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों से इनका लाभ उठाने की अपील की गई।
मुसीबत में तुरंत मिलाएं ये हेल्पलाइन नंबर
महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन के बारे में भी जागरूक किया गया। टीम ने बताया कि किसी तरह की परेशानी, उत्पीड़न अथवा आपात स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए 1090 वुमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन सेवा की जानकारी दी गई। बच्चों से संबंधित किसी संकट या सहायता के लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन का उपयोग करने के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी तरह के उत्पीड़न या परेशानी को छिपाने के बजाय समय रहते सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता से ही सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंच सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को योजनाओं एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें अधिक जागरूक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना रहा।