बरेली। जिला अस्पताल में पुलिस निगरानी के बीच बुर्का पहनकर फरार हुई महिला बंदी ममता के मामले में कोतवाली पुलिस ने उसके बेटे विशाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक मां को अस्पताल से भगाने में विशाल और उसके भाई केशव ने मदद की थी। विशाल शहर छोड़कर भागने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था, तभी पुलिस ने चौपुला पुल के नीचे से उसे पकड़ लिया। महिला बंदी ममता और उसका दूसरा बेटा अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
मामला दो सितंबर का है। केंद्रीय कारागार-2 की महिला बंदी ममता पत्नी पप्पू को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी निगरानी में रिजर्व पुलिस लाइन की महिला पुलिसकर्मी नूतन सिसौदिया और रिंकी की ड्यूटी लगी थी। पुलिस के अनुसार शाम करीब 6:35 बजे ममता नहाने की बात कहकर बाथरूम में गई। कुछ देर बाद बाथरूम से बुर्का पहने एक महिला बाहर निकली। निगरानी कर रहीं पुलिसकर्मियों ने उसे कोई दूसरी महिला समझ लिया। कुछ देर बाद शक होने पर बाथरूम देखा गया तो ममता गायब थी।
बेटों पर आरोप, बुर्का लेकर अस्पताल पहुंचा था केशव
पुलिस की जांच में सामने आया कि घटना के समय ममता के दोनों बेटे विशाल और केशव उससे मिलने अस्पताल आए थे। ममता के गायब होने के बाद दोनों बेटे भी मौके से निकल गए। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने ममता और उसके दोनों बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में विशाल ने बताया कि वह और उसका भाई मां से मिलने अस्पताल गए थे। केशव बुर्का लेकर आया था। ममता ने उसे अपने कपड़ों में छिपा लिया और बाथरूम में जाकर पहन लिया। इसके बाद वह उसी बुर्के की आड़ में पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल से निकल गई।
पिलर की आड़ में खड़ा था विशाल, बाहर भागने के लिए कर रहा था वाहन का इंतजार
रविवार 21 सितंबर को कोतवाली पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि विशाल चौपुला चौराहा पुल के नीचे पुलिस मॉडर्न स्कूल से आगे एक पिलर की आड़ में खड़ा है। वह शहर छोड़कर बाहर जाने की फिराक में किसी वाहन का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुबह करीब 9:05 बजे विशाल पुत्र पप्पू वाल्मीकि निवासी तुलाशेरपुर, मुड़िया अहमद नगर, थाना इज्जतनगर को गिरफ्तार कर लिया।
मां का ठिकाना नहीं बता सका विशाल
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में विशाल ने मां को भगाने में सहयोग करने की बात स्वीकार की। उसने पुलिस को बताया कि वर्तमान में उसकी मां ममता कहां छिपी है, इसकी उसे जानकारी नहीं है। उसने यह भी बताया कि पुलिस की कार्रवाई के डर से वह खुद शहर छोड़कर जाने की तैयारी में था। इस मामले में कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में बीएनएस की धारा 263 और 3(5) की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने विशाल को न्यायालय के समक्ष पेश किया है। फरार ममता और उसके दूसरे बेटे केशव की तलाश जारी है।
विशाल पर पहले भी दर्ज है गंभीर धाराओं में मुकदमा
पुलिस के अनुसार विशाल के खिलाफ इस मुकदमे के अलावा वर्ष 2025 में फरीदपुर थाने में भी भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। कार्रवाई करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, अपराध निरीक्षक तारिक खान, उपनिरीक्षक रविराज पावडिया, मुख्य आरक्षी उग्रवीर और आरक्षी मनोज कुमार शामिल रहे।