UP NEWSपुरोधा बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि गोष्ठी आयोजित की गई।

बरेली। समाजवादी पार्टी कार्यालय में बुधवार को लोक अदालत के जनक, पूर्व राज्यसभा सांसद और सामाजिक न्याय के पुरोधा बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि गोष्ठी आयोजित की गई। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।

गरीबों-वंचितों को न्याय दिलाना बना जीवन का लक्ष्य

गोष्ठी की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने की। उन्होंने कहा कि बाबू शिवदयाल चौरसिया का जन्म 13 मार्च 1903 को लखनऊ के तेलीबाग स्थित ग्राम खरिका में हुआ था। 1928 में एलएलबी करने के बाद उन्होंने लखनऊ, इलाहाबाद, पटना हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत की। वकालत को उन्होंने केवल पेशा नहीं, बल्कि गरीबों, दलितों और पिछड़ों को न्याय दिलाने का माध्यम बनाया।

1929 में उठाई पिछड़ों के हक की आवाज

शुभलेश यादव ने कहा कि वर्ष 1929 में महज 26 वर्ष की उम्र में शिवदयाल चौरसिया ने ‘बैकवर्ड क्लासेस लीग’ का गठन किया। उस दौर में उन्होंने पिछड़े वर्ग के अधिकारों की आवाज उठाई और साइमन कमीशन के सामने भी पिछड़े समाज के लिए अपने पक्ष को रखा। उन्होंने कहा कि बाबू जी का पूरा जीवन शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष को समर्पित रहा।

न्याय व्यवस्था में योगदान को किया याद

महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि बाबू शिवदयाल चौरसिया का भारतीय न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके अनुसार, वर्ष 1953 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में ‘सेंट्रल लीगल सोसाइटी’ की स्थापना की। संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत गठित काका कालेलकर आयोग में भी वह सदस्य रहे। गरीबों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उनके प्रयासों को भी याद किया गया।

त्याग की मिसाल के रूप में किया स्मरण

बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र सोनकर ने बाबू जी से जुड़े संस्मरण सुनाए। उन्होंने कहा कि 1974 में राज्यसभा सांसद बनने के बाद बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया ने अपना सरकारी आवास विट्ठल भाई पटेल हाउस का फ्लैट मान्यवर कांशीराम को BAMCEF के कार्यालय के लिए दे दिया था और स्वयं किराये के मकान में रहने लगे थे। उन्होंने इसे उनके त्याग और सादगी की मिसाल बताया।

नई पीढ़ी को उनके विचारों से जुड़ने का आह्वान

महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा ने कहा कि बाबू शिवदयाल चौरसिया समाजवादी विचारधारा के सच्चे वाहक थे। उनके जीवन और संघर्ष से आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेने की जरूरत है। गोष्ठी में बाबू जी के अविस्मरणीय संस्मरणों को भी साझा किया गया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

गोष्ठी में जिला महासचिव राजकुमार पाल, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र मुंडे, प्रमोद यादव एडवोकेट, महानगर उपाध्यक्ष शेर सिंह गंगवार, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, भारती चौहान, जिला सचिव रामसेवक प्रजापति, बहेड़ी विधानसभा अध्यक्ष नासिर रजा, मीरगंज विधानसभा अध्यक्ष सुरेश गंगवार, नवाबगंज विधानसभा अध्यक्ष अनिल गंगवार, भोजीपुरा विधानसभा अध्यक्ष अनिल पटेल, बिथरी विधानसभा अध्यक्ष धर्मपाल लोधी समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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