बरेली। धौराटांडा नगर पंचायत में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए फर्जीवाड़े की हद पार कर दी गई। ईओ के कथित फर्जी हस्ताक्षर किए, मुहर लगाई और फाइल सीधे एसडीएम सदर के दफ्तर में जमा करा दी। इतना ही नहीं, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच भी किसी अफसर के बजाय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को थमा दी गई। पूरा खेल खुला तो मामला भोजीपुरा थाने से एसएसपी दफ्तर तक पहुंच गया। सभासद समेत चार लोगों पर मिलीभगत के आरोप हैं और अब पुलिस के सामने फर्जी फाइल तैयार करने से लेकर उसे एसडीएम दफ्तर पहुंचाने वालों की परतें खोलने की चुनौती है।
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के धौराटांडा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-02 निवासी अशोक कुमार पुत्र स्वर्गीय रामदुलारे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए पूनम पत्नी महेंद्र पाल की ओर से आवेदन किया गया था। आरोप है कि इसी आवेदन के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कूटरचित पत्रावली तैयार की गई। मामला खुलने के बाद फाइल में लगे दस्तावेजों से लेकर उसे तैयार करने वालों तक की भूमिका पुलिस के सामने पहुंच गई है। मामले में सबसे गंभीर आरोप नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) के हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल का है। शिकायत के मुताबिक पत्रावली पर ईओ के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उनकी फर्जी मुहर लगाई गई। इसके बाद इसी पत्रावली को एसडीएम सदर कार्यालय में जमा करा दिया गया। अब नगर पंचायत और एसडीएम कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड का मिलान होने पर साफ होगा कि फाइल किसने तैयार और जमा कराई।
अफसर नहीं मिला तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को थमा दी जांच
मामले के बीच नगर पंचायत की एक और व्यवस्था सामने आई है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच के लिए किसी अधिकारी के बजाय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शान ए हैदर को जिम्मेदारी दी गई थी। ईओ संदीप चंद्रा के मुताबिक नगर पंचायत में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अलग से कोई जांच अधिकारी नहीं है, इसलिए शान ए हैदर को जांचकर्ता बनाया गया। अब उनकी नियुक्ति के आदेश और जांच के लिए दिए गए अधिकारों की पड़ताल भी अहम हो गई है।
सभासद समेत चार पर मिलीभगत कर फाइल तैयार कराने का आरोप
शिकायत में वार्ड नंबर-02 के सभासद राकेश कुमार कश्यप के अलावा पूनम, शिवचरन कश्यप और बुधसेन पर मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि इनकी साठगांठ से अशोक कुमार के मृत्यु प्रमाण पत्र की कूटरचित पत्रावली तैयार की गई। हालांकि आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच में होनी बाकी है। फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत की ओर से थाना भोजीपुरा में शिकायत की गई। एसआई रंजीत कुमार के मुताबिक एफआईआर दर्ज कराने के संबंध में दिए गए शिकायत पत्र पर रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी अनुराग आर्य को भेज दी गई है। अब उच्चाधिकारियों के निर्देश के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसने बनाए दस्तावेज, कहां से आई मुहर, अब खुलेगी पूरी फाइल
पुलिस जांच में नगर पंचायत और एसडीएम कार्यालय की मूल पत्रावली अहम होगी। आवेदन किसने तैयार कराया, फाइल में दस्तावेज किसने लगाए, ईओ के हस्ताक्षर किसने किए, मुहर कहां से आई और एसडीएम कार्यालय में पत्रावली किसने जमा कराई, इन सभी कड़ियों को जोड़ने पर फर्जीवाड़े की पूरी कहानी सामने आ सकती है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच देने का मामला भी प्रशासनिक स्तर पर गंभीर है। शान ए हैदर को जांच की जिम्मेदारी मौखिक रूप से दी गई थी या इसके लिए लिखित आदेश जारी हुआ था, उन्होंने मौके पर क्या जांच की और अपनी रिपोर्ट किस अधिकारी को दी, इन तथ्यों का रिकॉर्ड भी पूरे मामले में अहम होगा।