पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में सरकारी धन के कथित गबन की जांच का दायरा बढ़ने के साथ आरोपी कर्मचारी इल्हाम शम्सी पर बड़ी कार्रवाई हुई है। बीसलपुर स्थित जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति ने उसे सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। पुलिस जांच में करीब 35 बैंक खाते सामने आए हैं और इनमें जमा लगभग 3.5 करोड़ रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं। शुरुआती जांच में सामने आया मामला अब करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंचने के संकेत दे रहा है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था, 2015 में पहुंच गया DIOS दफ्तर
इल्हाम शम्सी मूल रूप से जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज, बीसलपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। आरोप है कि वर्ष 2015 में संबंधित अधिकारियों से मिलीभगत कर उसने खुद को डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध करा लिया। कंप्यूटर की जानकारी होने के कारण उसे वहां ऑपरेटर की सीट पर काम करने का अवसर मिला। जांच में आरोप है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर सरकारी धन में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई।
पत्नी के खाते में एक करोड़, करीबियों-रिश्तेदारों के 35 अकाउंट जांच के घेरे में
फरवरी में मामला सामने आने के बाद तत्कालीन डीआईओएस की तहरीर पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस जांच आगे बढ़ी तो आरोपी की पत्नी अर्शी खातून के खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद रिश्तेदारों और करीबियों से जुड़े लगभग 35 बैंक खाते जांच के दायरे में आए।
3.5 करोड़ रुपये फ्रीज, 30 करोड़ तक पहुंच सकता है गबन का आंकड़ा
जांच एजेंसियों ने संदिग्ध खातों में करीब 3.5 करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। मामले की वित्तीय परतें खंगालने के दौरान कथित गबन का दायरा लगातार बढ़ा है। जांच में यह रकम करीब 30 करोड़ रुपये तक पहुंचने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन और रकम के प्रवाह की कड़ियां जोड़ रही है।
तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के बाद नौकरी से छुट्टी
मामले को लेकर कॉलेज प्रबंध समिति ने गुरुवार को आपात बैठक बुलाई। तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट और विधिक राय के आधार पर इल्हाम शम्सी को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला लिया गया। प्रधानाचार्य प्रवीण के मुताबिक बर्खास्तगी का आधिकारिक आदेश शुक्रवार को डाक के माध्यम से कर्मचारी के घर भेजा जाएगा। उधर, करोड़ों रुपये के कथित गबन से जुड़े खातों और लेनदेन की पुलिस जांच जारी है।