तेहरान। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस हमले में जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को नुकसान पहुंचा है, हालांकि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। घटना की पुष्टि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने की है। तीन दिनों के भीतर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे वैश्विक समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
UKMTO के अनुसार, टैंकर के कप्तान ने बताया कि जहाज पर किसी अज्ञात विस्फोटक वस्तु या प्रोजेक्टाइल ने हमला किया। हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक जांच में पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचने की बात कही गई है। घटना के बाद UKMTO ने इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी संगठन या देश ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी आशंका
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों तथा तटीय रडार स्टेशनों पर हमले किए थे। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यावसायिक जहाज पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी। वहीं ईरान ने भी बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले का दावा किया है। ऐसे हालात में होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार दूसरी समुद्री घटना ने क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
वैश्विक व्यापार के लिए अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्गों में शामिल है। वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां होने वाली किसी भी सैन्य या सुरक्षा संबंधी घटना का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।