Bareilly News: मीरगंज के कुख्यात स्मैक तस्कर पंकज उपाध्याय उर्फ पंकज शर्मा और उसके बेटे रोहित शर्मा उर्फ हनी के खिलाफ बरेली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्मैक तस्करी से खड़ी की करीब 3 करोड़ 20 लाख 15 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है। यह संपत्ति वर्षों से किए जा रहे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुटाई गई थी।
एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया पुलिस जांच में सामने आया कि पिता-पुत्र ने स्मैक तस्करी से कमाए गए धन से चार वाहन और चार प्लॉट खरीदे थे। इनमें से कई संपत्तियां परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज कराई गई थीं ताकि उन पर किसी की नजर न पड़े। पुलिस ने दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी की मदद से इन संपत्तियों को फ्रीज कराने की कार्रवाई पूरी कर ली है। वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर इनकी कीमत 3.20 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
बरेली से दिल्ली और मध्य प्रदेश तक फैला था नेटवर्क
एसपी साउथ के मुताबिक पंकज उपाध्याय वर्ष 1999 से स्मैक तस्करी के धंधे में सक्रिय रहा है। बरेली के अलावा उसका नेटवर्क दिल्ली और मध्य प्रदेश तक फैला हुआ था। वह लंबे समय से अंतरराज्यीय स्तर पर स्मैक की सप्लाई करता रहा और कई बार बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका है। इसके बावजूद उसने अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा और लगातार अपना नेटवर्क मजबूत करता रहा। वर्ष 2021 के बाद पंकज ने अपने बेटे रोहित शर्मा उर्फ हनी को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर लिया। इसके बाद रोहित ने भी बरेली और आसपास के जिलों में स्मैक तस्करी का नेटवर्क खड़ा कर लिया। उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में दोनों को अभ्यस्त और शातिर अपराधी माना गया है।
पिता जेल में, बेटा अभी भी फरार
वर्तमान में पंकज उपाध्याय जेल में बंद है, जबकि उसका बेटा रोहित शर्मा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्षेत्र में दोनों की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आम लोग इनके खिलाफ खुलकर बोलने से भी कतराते रहे हैं। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अपराध से कमाई गई संपत्ति को जब्त और फ्रीज कराने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का संदेश साफ है कि नशे के कारोबार से अर्जित दौलत अब कानून की पकड़ से बच नहीं सकेगी।