बरेली। आपराधिक गतिविधियों और दबंगई के आरोपों से घिरे आंवला के तीन आरोपियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह की अदालत ने गोपाल दीक्षित, सिद्धार्थ दीक्षित और शानू दीक्षित को जिला बदर कर दिया। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने तीनों को जिले की सीमा के बाहर छोड़ दिया है।

आंवला के पक्का कटरा निवासी गोपाल दीक्षित पुत्र प्रेम शंकर दीक्षित, सिद्धार्थ दीक्षित पुत्र मुकेश दीक्षित और शानू दीक्षित पुत्र मुकेश दीक्षित के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों का ब्योरा तैयार कर रिपोर्ट एडीएम कोर्ट में पेश की थी।

पुलिस रिपोर्ट में दबंग प्रवृत्ति का जिक्र

पुलिस की रिपोर्ट में तीनों को शातिर और दबंग प्रवृत्ति का बताया गया। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों के प्रभाव और भय के कारण क्षेत्र के लोग इनके खिलाफ खुलकर सामने आने से कतराते हैं। दर्ज मामलों में पैरवी और गवाही के लिए भी लोगों में भय रहता है। पुलिस ने इसे क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर माना।

रिकॉर्ड खंगालने के बाद कोर्ट पहुंची रिपोर्ट

जिला बदर की कार्रवाई से पहले आंवला थाना पुलिस ने तीनों के आपराधिक रिकॉर्ड और गतिविधियों की जांच की। अधिकारियों के स्तर पर रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद इसे एडीएम कोर्ट भेजा गया। कोर्ट में पुलिस की रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की सुनवाई हुई।

एडीएम कोर्ट ने तीनों को किया जिला बदर

अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद गोपाल दीक्षित, सिद्धार्थ दीक्षित और शानू दीक्षित के खिलाफ जिला बदर का आदेश पारित किया। आदेश मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को जिले की सीमा से बाहर कर दिया।

जिले में घुसे तो होगी कार्रवाई

जिला बदर की अवधि के दौरान तीनों आरोपियों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहेगी। आदेश का उल्लंघन कर जिले की सीमा में प्रवेश करने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्र में दबंगई और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है।

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