बदायूं। सहसवान तहसील परिसर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया, जब जरीफनगर थाना क्षेत्र के रसूलपुर कलां निवासी जितेंद्र उर्फ बंडा न्याय की मांग को लेकर ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक को टंकी पर देखकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही तहसील परिसर में भारी भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
टंकी पर चढ़े युवक ने आरोप लगाया कि गांव के प्रधान गंगाधर ने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। उसने कई बार तहसील प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। युवक का कहना है कि शिकायत करने के बाद प्रधान उससे रंजिश मानने लगा और उसके परिवार को निशाना बनाया जाने लगा। जितेंद्र का आरोप है कि शिकायत का बदला लेने के लिए उसके करीब 50 वर्ष पुराने मकान को ग्राम सभा की भूमि पर निर्मित बताकर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू करा दी गई। युवक का कहना है कि उसका परिवार वर्षों से वहां रह रहा है, फिर भी प्रशासन ने उसकी बात सुने बिना कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी।
जान से मारने की कोशिश हुई, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
युवक ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले उस पर जानलेवा हमला किया गया था। उसने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी से आहत होकर उसने विरोध का यह खतरनाक रास्ता चुना। करीब दो घंटे तक युवक टंकी पर डटा रहा। इस दौरान वह कई बार ऊपर से कूदने की धमकी देता रहा। इतना ही नहीं, उसने रेलिंग पकड़कर नीचे लटकने का भी प्रयास किया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रही।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, स्वास्थ्य टीम भी तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मोर्चा संभाल लिया। अधिकारियों ने युवक से लगातार बातचीत कर उसे शांत कराने की कोशिश की। एहतियातन स्वास्थ्य विभाग की टीम और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। दोपहर दो बजे तक युवक टंकी से नीचे नहीं उतरा था। वह लगातार अपनी मांगों पर अड़ा रहा और कार्रवाई की मांग करता रहा। प्रशासनिक अधिकारी उसे सुरक्षित नीचे उतारने और पूरे मामले का समाधान निकालने के प्रयास में जुटे रहे।