बरेली। मानसून से पहले शहर में चल रहे नाला सफाई अभियान के बीच ठेकेदार की लापरवाही ने नगर निगम की संपत्ति को ही नुकसान पहुंचा दिया। मिशन हॉस्पिटल रोड स्थित खुले नाले के किनारे सुरक्षा के लिए लगाई गई लाखों रुपये की लोहे की रेलिंग नाला सफाई के दौरान मशीनों की चपेट में आकर टूट गई। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
नगर निगम ने शहर के खुले नालों के किनारे राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाखों रुपये खर्च कर लोहे की मजबूत रेलिंग लगवाई थी। इन रेलिंगों का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों को नालों में गिरने से बचाना था। लेकिन नाला सफाई के दौरान प्रयोग की गई भारी मशीनों और लापरवाही के चलते मिशन हॉस्पिटल रोड समेत कई स्थानों पर रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई।
टूटी रेलिंग से बढ़ा खतरा, लोगों में नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलिंग टूटने के बाद खुले नाले के किनारे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति खतरनाक बन गई है। लोगों का आरोप है कि सफाई कार्य के दौरान मानकों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। रेलिंग टूटने से नगर निगम को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। नागरिकों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त रेलिंग की तत्काल मरम्मत कराई जाए और नुकसान की भरपाई संबंधित ठेकेदार से वसूली जाए।
कड़ी कार्रवाई की उठी मांग
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी लापरवाही पर अंकुश नहीं लगाया गया तो शहर में चल रहे अन्य सफाई कार्यों के दौरान भी सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने नगर निगम से निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नाला सफाई के दौरान खुले नालों पर लगाई गई रेलिंग को क्षतिग्रस्त किए जाने की शिकायत मिली है। संबंधित इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।