बदायूं। न्यायालय सुरक्षा में तैनात एक दरोगा का शव गुरुवार सुबह किराये के कमरे में फंदे से लटका मिलने से पुलिस विभाग में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस ने दरोगा का शव गमछे के फंदे से लटका पाया। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
मूल रूप से मथुरा जिले के गोविंदनगर निवासी दरोगा मेघश्याम गौतम (52) पुत्र रतनलाल गौतम बदायूं में न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। वह सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र की मधुबनी कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे। गुरुवार सुबह उनकी बेटी ने फोन कर मकान मालिक को बताया कि पिता काफी देर से फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। इसके बाद मकान मालिक के परिवार ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बेटी के फोन के बाद खुला मौत का राज
कमरे से कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो दरोगा मेघश्याम गौतम कमरे के भीतर दूसरे गेट पर गमछे के सहारे फंदे से लटके मिले। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। सूचना मिलते ही एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह और सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दरोगा पिछले करीब एक वर्ष से इसी मकान में रह रहे थे और नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे थे।
आत्महत्या की आशंका, कारण अब भी रहस्य
सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि आत्मघाती कदम उठाने के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके आने के बाद विस्तृत पूछताछ की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों पर अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।