बरेली। विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार, गेहूं खरीद में पिछड़ते प्रदर्शन, स्वास्थ्य सेवाओं में शिकायतों और आईजीआरएस निस्तारण की कमजोर स्थिति पर कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने अफसरों की जमकर क्लास लगाई। समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि लक्ष्य से पीछे रहने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को अब किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
समीक्षा में सामने आया कि प्रदेश में गेहूं खरीद का औसत 68 प्रतिशत है, जबकि बरेली मंडल 58 प्रतिशत पर ही अटका हुआ है। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और अधिक से अधिक किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।
थीम आधारित वन बनाएगा मंडल, हीटवेव से बचाव पर फोकस
वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस बार केवल पौधारोपण नहीं होगा, बल्कि वंदे मातरम वन, महर्षि चरक औषधिवन, समरस वन, समृद्धि वन और कपि वन जैसे थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे। बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए छायादार और पर्यावरण संरक्षण में सहायक प्रजातियों के रोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहीं फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि मंडल में 80.16 प्रतिशत लोगों की फैमिली आईडी तैयार हो चुकी है। कमिश्नर ने शेष पात्र परिवारों को भी शीघ्र जोड़कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।
फर्जी संचालन पर शिकंजा, अल्ट्रासाउंड सेंटरों की होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में अल्ट्रासाउंड सेंटरों को लेकर मिल रही शिकायतों पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर अधिकृत डॉक्टरों के बजाय अन्य लोग कार्य करते पाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि आंवला क्षेत्र के दो अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज किए जा चुके हैं। कमिश्नर ने जांच अभियान तेज करने, मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित कराने और डिस्चार्ज के बाद फीडबैक लेने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। वहीं निराश्रित गौवंश की समीक्षा में निर्णय लिया गया कि 50 से कम पशुओं वाली गौशालाओं के गौवंशों को बड़ी गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा। खाली होने वाली गौशालाओं को भूसा भंडारण केंद्र या हरे चारे के उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही चारागाह भूमि को कब्जामुक्त कराने और चिन्हांकन की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
राजस्व वसूली, सूर्य घर योजना और आईजीआरएस पर सख्ती
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना बढ़ा पाया गया। कमिश्नर ने सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य में तेजी लाने को कहा। वहीं राजस्व वसूली में पीलीभीत और स्टाम्प एवं पंजीयन में बरेली के प्रदर्शन की सराहना की गई। पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों को प्राथमिकता से निस्तारित करने तथा आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
अधूरे प्रोजेक्ट्स पर मांगी रिपोर्ट, कहा- काम पूरा हो तो हैंडओवर भी हो
बैठक में कस्तूरबा गांधी विद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, ट्रांजिट हॉस्टल समेत विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने उन परियोजनाओं पर जवाबदेही तय करने को कहा जो निर्माण पूरा होने के बावजूद संबंधित विभागों को हस्तांतरित नहीं की गई हैं। तकनीकी कारणों से लंबित सैटेलाइट बस स्टेशन परियोजना की भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई। बैठक में मंडल के सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।