बरेली। भीषण गर्मी के बीच बहगुल नदी में नहाने गए दोस्तों का मौज-मस्ती का पल कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया। फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान पटी गली के 10 लड़कों में से चार अचानक नदी के तेज बहाव और भंवर में फंस गए। साथियों और ग्रामीणों ने दो लड़कों को तो किसी तरह बचा लिया, लेकिन 15 वर्षीय आदित्य और उसके फुफेरे भाई 25 वर्षीय अभिषेक की नदी में डूबने से मौत हो गई। देर शाम दोनों के शव बाहर निकाले जा सके। हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
परिजनों के मुताबिक मोहल्ला कानूनगोयान पटी गली निवासी आदित्य और उसका फुफेरा भाई अभिषेक अपने दोस्तों के साथ सोमवार दोपहर बाइक से गुलाबनगर गांव के पास बहगुल नदी में नहाने गए थे। शुरुआत में सभी किनारे पर नहा रहे थे, लेकिन कुछ देर बाद चार लड़के गहरे पानी में पहुंच गए और भंवर में फंसकर बहने लगे। वहां पास में मछली पकड़ रहे लोगों ने शोर सुनते ही दो लड़कों को बाहर निकाल लिया, लेकिन आदित्य और अभिषेक देखते ही देखते गहरे पानी में समा गए।
तीन घंटे तक चला रेस्क्यू, शाम को मिले शव
हादसे की सूचना मिलते ही अन्य लड़के गांव पहुंचे और ग्रामीणों को लेकर वापस नदी किनारे आए। पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद ढकनी गांव से गोताखोर बुलाए गए। करीब तीन घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शाम ढलते समय दोनों युवकों के शव नदी से बाहर निकाले जा सके। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे डूबने की सूचना मिली थी। बहगुल नदी फरीदपुर कस्बे से करीब छह किलोमीटर दूर है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
स्विमिंग पूल की जगह नदी पहुंचना पड़ा भारी
ग्रामीणों के अनुसार सभी दोस्तों ने पहले पीलीभीत बाइपास स्थित स्विमिंग पूल जाने की योजना बनाई थी, लेकिन भीषण गर्मी और लंबी दूरी की वजह से उन्होंने अपना प्लान बदल दिया। करीब 20 किलोमीटर दूर पूल जाने के बजाय लड़के खेतों के रास्ते बहगुल नदी पहुंच गए। किसी को नदी की गहराई का अंदाजा नहीं था और ज्यादातर लड़कों को तैरना भी नहीं आता था। इसी लापरवाही ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए।
पढ़ाई कर रहे थे दोनों युवक, एक के पिता हैं कोटेदार
मृतक आदित्य फरीदपुर के दयानंद स्कूल में कक्षा नौ का छात्र था। वहीं अभिषेक बिथरी क्षेत्र के एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। अभिषेक मूल रूप से भमोरा थाना क्षेत्र के बढ़रई गांव निवासी कोटेदार जितेंद्र का बेटा था और पढ़ाई के चलते अपने ममेरे भाई आदित्य के घर फरीदपुर में रह रहा था। एसडीएम रामजनम यादव ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।