उन्नाव। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह तेज रफ्तार ने ऐसा कहर बरपाया कि कुछ ही सेकेंड में खुशियों से भरी बस मातम में बदल गई। दिल्ली से बिहार जा रही एसी डबल डेकर स्लीपर बस उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसे में बिहार पुलिस के दरोगा और एक कैदी समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 यात्री घायल हो गए। तीन घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
झपकी बनी काल, डिवाइडर से टकराकर पलटी बस
बताया जा रहा है कि हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 262 पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ा और बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई यात्री बस के शीशे तोड़कर बाहर गिरे, जबकि कुछ लोग बस में फंस गए। हादसे की सूचना मिलते ही औरास थाना पुलिस, यूपीडा और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई। राहत-बचाव अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला गया। कई घायल सड़क किनारे तड़पते मिले। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की।
दरोगा कैदी को पेशी से वापस ला रहे थे
मृतकों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में तैनात 59 वर्षीय दरोगा रामचंद्र राम शामिल हैं। उनके साथ मौजूद कैदी छत्रपाल सिंह तोमर की भी हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दरोगा और एक सिपाही कैदी को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी पर ले गए थे और वापस बिहार लौट रहे थे। हादसे में सिपाही घायल हो गया।
तीन की हालत गंभीर, ट्रॉमा सेंटर रेफर
डॉक्टरों ने पांच यात्रियों को मौके पर मृत घोषित कर दिया था, जबकि एक अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल तीन यात्रियों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लगा जाम
बस पलटने के बाद कुछ देर के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को हटवाया और ट्रैफिक सुचारु कराया। शुरुआती जांच में ड्राइवर को झपकी आने और तेज रफ्तार को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।