दौसा। एक ईमेल ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की नींद उड़ा दी। Dausa के कलेक्ट्रेट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सोमवार को हड़कंप मच गया। जहरीली गैस वाले बम की चेतावनी के साथ आए इस मेल ने अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक सभी को दहशत में डाल दिया। आनन-फानन में पूरे कलेक्ट्रेट को खाली कराया गया और चारों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया गया।
कलेक्ट्रेट में अफरा-तफरी, मिनटों में खाली कराया गया पूरा परिसर
धमकी भरा ईमेल मिलते ही प्रशासन ने बिना देर किए एक्शन लिया। कलेक्ट्रेट में मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर खाली हो गया। मुख्य गेट से लेकर हर एंट्री पॉइंट पर पुलिस तैनात कर दी गई और किसी भी व्यक्ति के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई। आसपास के इलाके में भी सतर्कता बढ़ा दी गई, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
आईएएस सौम्या झा के चेंबर तक खंगाला, हर कोना छाना
इस पूरे ऑपरेशन के केंद्र में रहीं जिला कलेक्टर Saumya Jha। सुरक्षा एजेंसियों ने उनके चेंबर समेत कलेक्ट्रेट के हर कमरे की बारीकी से जांच की। जिला विशेष शाखा, क्यूआरटी और कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की टीमें मौके पर पहुंचीं और चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी अलर्ट पर रखा गया, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु की तुरंत पहचान की जा सके।
‘सवा 12 बजे धमाका’—ईमेल में दी गई थी टाइमिंग
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, धमकी भरे ईमेल में साफ तौर पर लिखा गया था कि कलेक्ट्रेट में जहरीली गैस वाले बम लगाए गए हैं और सवा 12 बजे धमाका होगा। Yogendra Faujdar (एएसपी) ने बताया कि इस इनपुट को बेहद गंभीरता से लिया गया और पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हर शाखा, हर कमरे और खुले क्षेत्र तक की जांच की गई, ताकि किसी भी तरह का जोखिम न रह जाए। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर सौम्या झा सुरक्षा कारणों से अपने आवास पर ही रहीं, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे। पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति की निगरानी करते रहे। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए कि जब तक सर्च ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता, किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
ईमेल की जांच शुरू, शरारत या साजिश—खंगाले जा रहे डिजिटल सुराग
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह धमकी असली थी या किसी की शरारत। पुलिस ने ईमेल के स्रोत की जांच शुरू कर दी है। साइबर टीम आईपी एड्रेस और अन्य तकनीकी डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन है। प्रशासन का कहना है कि चाहे यह फर्जी धमकी ही क्यों न हो, इसे हल्के में नहीं लिया जाएगा। दौसा की घटना अकेली नहीं है। सोमवार को Udaipur, Barmer, Baran और Sikar के जिला न्यायालयों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। उदयपुर कोर्ट में सुबह 8:30 बजे सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई और पूरे परिसर को खाली कराया गया। पुलिस और बम स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया।
प्रदेशभर में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
लगातार मिल रही धमकियों के बाद पूरे राजस्थान में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सरकारी दफ्तरों, अदालतों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इस तरह के ईमेल धमकी वाले मामलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाने वाली धमकियां तेजी से बढ़ रही हैं और इन्हें ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में साइबर सुरक्षा को और मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।