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बरेली। अलीगंज थाना क्षेत्र के सूदनपुर गांव में शनिवार सुबह का सन्नाटा कुछ ही पलों में चीख-पुकार में बदल गया। करीब 7 बजे ट्रांसफॉर्मर में आई खराबी ने पूरे गांव को मौत के जाल में धकेल दिया। हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर एलटी लाइन पर गिरा और देखते ही देखते पूरे मोहल्ले में 11 हजार वोल्ट का करंट दौड़ गया। जिस रास्ते पर लोग रोज चलते थे, वही रास्ता अचानक जानलेवा बन गया। किसी को समझने का मौका तक नहीं मिला कि जमीन पर कदम रखते ही मौत सामने खड़ी है।

छात्र की चीख… मां दौड़ी बचाने, खुद झुलस गई

इस हादसे का सबसे दर्दनाक मंजर तब सामने आया जब कक्षा 10 का छात्र सुभाष (16) करंट की चपेट में आ गया। जमीन पर गिरते ही उसकी चीखों ने पूरे मोहल्ले को हिला दिया। बेटे को बचाने के लिए मां सुनीता दौड़ी, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गई और बुरी तरह झुलस गई। ग्रामीणों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर दोनों को अलग किया, लेकिन तब तक सुभाष की सांसें थम चुकी थीं। सुनीता को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

पड़ोसी भी बना करंट का शिकार, मौके पर ही मौत

हादसे की भयावहता यहीं खत्म नहीं हुई। पास ही रहने वाले कुंवरपाल (24) जैसे ही घर से बाहर निकले और जमीन पर पैर रखा, वह भी करंट की चपेट में आ गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में गांव ने दो जवान जिंदगियां खो दीं और एक महिला गंभीर रूप से जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। करंट का असर इतना तेज था कि एक खड़ा ई-रिक्शा भी अचानक चिंगारियों में घिर गया और उसमें आग लग गई। गांव में चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों से बाहर निकलने से डरने लगे। बच्चों और बुजुर्गों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। कुछ देर के लिए पूरा इलाका मानो करंट के साए में कैद हो गया।

ट्रांसफॉर्मर की खराबी बनी मौत की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव से करीब 100 मीटर दूर लगे ट्रांसफॉर्मर में अचानक खराबी आई। इससे हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया और एलटी लाइन से संपर्क में आ गया। इसी वजह से पूरे मोहल्ले में हाई वोल्टेज करंट फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और समय पर मेंटेनेंस न होने की वजह से यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बिजली निगम के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और तकनीकी जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने माना कि मामला गंभीर है और इसमें लापरवाही की जांच की जाएगी।

मुआवजे का ऐलान, परिवारों को राहत का भरोसा

बिजली निगम के मुख्य अभियंता ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही गंभीर रूप से झुलसी महिला सुनीता के इलाज का पूरा खर्च विभाग उठाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का भी आश्वासन दिया गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजा समाधान नहीं है, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। घटना के बाद गांव में गुस्से का माहौल है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही से पहले भी कई बार खतरे की स्थिति बनी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर समय रहते सुधार होता तो आज दो घरों के चिराग नहीं बुझते। ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था की जांच की मांग की है।

बिजली व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

यह हादसा सिर्फ एक गांव की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल है। हाईटेंशन लाइन जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या नियमित निरीक्षण नहीं होता? क्या ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा है? इन सवालों का जवाब अब जांच में सामने आना बाकी है। सूदनपुर गांव आज मातम में डूबा है। एक घर का बेटा हमेशा के लिए चला गया, दूसरे घर का जवान युवक भी जिंदगी हार गया, और एक मां अस्पताल में जिंदगी से लड़ रही है। पीछे रह गए हैं सिर्फ आंसू, सवाल और सिस्टम से जवाब की उम्मीद।

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