बरेली। बेटी के नामकरण में दावत का न्योता न मिलने से बौखलाए दो युवकों ने समारोह में पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली सीधे शेखर के पैर में जा धंसी, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। अचानक हुई फायरिंग से समारोह में भगदड़ मच गई। पुलिस ने पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जबकि अब दूसरे आरोपी को भी अवैध तमंचे और कारतूस के साथ दबोच लिया है।
फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के कजरौटा गांव में 30 जुलाई को शेखर की बेटी का नामकरण समारोह चल रहा था। नामकरण सामारोह के दौरान घर मेहमानों, रिश्तेदारों और गांव वालों से भरा हुआ था। तभी गांव के ही चमन और विक्रम वहां पहुंच गए। आरोप है कि दोनों इस बात से आगबबूला थे कि उन्हें नामकरण की दावत में नहीं बुलाया गया। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज में बदली और फिर दोनों ने तमंचा निकाल लिया।
दहशत फैलाने को किया था फायर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नामकरण समारोह में आरोपियों ने पहले दो फायर कर पूरे कार्यक्रम में दहशत फैला दी। जब मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो दोनों ने सीधे शेखर पर निशाना साध दिया। गोली उसके बाएं पैर में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। चीख-पुकार और भगदड़ के बीच आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल शेखर को तत्काल सीएचसी फरीदपुर ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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एक आरोपी गया जेल, दूसरा गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी चमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं दूसरा आरोपी विक्रम फरार चल रहा था। शुक्रवार देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उचसिया गांव के पास हाईवे की ओर भागने की फिराक में उसे घेर लिया। तलाशी में उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में बोला- नशे में था, गलती हो गई
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में विक्रम ने पुलिस को बताया कि घटना के वक्त वह नशे में था। दावत को लेकर गुस्सा था और उसी दौरान फायरिंग कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। दोनों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है।

