मेरठ में अंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की घटना ने जहां माहौल को पहले ही तनावपूर्ण बना दिया था, वहीं एक वायरल वीडियो ने आग में घी डालने का काम कर दिया। “हाथ काटने पर 11 लाख का इनाम” जैसे भड़काऊ बयान ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया, लेकिन इस घटना ने कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रतिमा टूटी, माहौल सुलगा—भगवानपुर बना तनाव का केंद्र
मेरठ के सरधना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में सोमवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को कुछ अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों में आक्रोश फूट पड़ा। देखते ही देखते मामला संवेदनशील बन गया और मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। प्रशासन ने हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
‘हाथ काटो, इनाम लो’—एक बयान से भड़की आग
घटना के कुछ ही घंटों बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें खुद को बीजेपी नेता बताने वाले हसीन यासीन ने बेहद भड़काऊ बयान दिया। उन्होंने खुलेआम ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति प्रतिमा तोड़ने वाले का हाथ काटेगा, उसे 11 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस बयान ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आ गई।
पुलिस का एक्शन—हिरासत में हसीन यासीन
वायरल वीडियो सामने आते ही मेरठ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हसीन यासीन को हिरासत में ले लिया। एसएसपी अविनाश पांडे ने स्पष्ट किया कि इस तरह के भड़काऊ बयान कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि बयान से किसी प्रकार की हिंसा भड़काने की साजिश तो नहीं थी।
बयान पर माफी, लेकिन कानून नहीं रुकेगा
हसीन यासीन ने गिरफ्तारी के बाद अपने बयान पर माफी जरूर मांग ली, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल माफी से मामला खत्म नहीं होगा। कानून के तहत भड़काऊ बयान देने, हिंसा के लिए उकसाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोपों में कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में सख्त धाराएं लगाई जा सकती हैं।
बीजेपी ने झाड़ा पल्ला—‘न नेता, न कार्यकर्ता’
इस पूरे विवाद के बीच बीजेपी ने भी तुरंत दूरी बना ली। मेरठ बीजेपी के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष ने साफ कहा कि हसीन यासीन का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। ना तो वह पार्टी का पदाधिकारी है और ना ही सक्रिय कार्यकर्ता। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि ऐसे बयान उनकी विचारधारा के खिलाफ हैं और संगठन का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
नई प्रतिमा का आश्वासन, आरोपियों की तलाश जारी
घटना के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही नई अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की जाएगी। साथ ही, प्रतिमा तोड़ने वाले असली आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदार बयानबाजी की जरूरत को उजागर कर दिया है।