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 मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत ने सिर्फ एक हादसे को नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में सियासी और सामाजिक भूचाल खड़ा कर दिया है। गौवंश से भरे ट्रक को रोकने की कोशिश में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद सड़कों पर गुस्सा फूट पड़ा, हाईवे जाम हुआ, पुलिस पर पथराव हुआ और अब मामला सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है। सवाल एक—क्या ये हादसा था या साजिश?

 मौत या मर्डर? फरसा वाले बाबा की रहस्यमयी आखिरी रात

मथुरा की सड़कों पर उस रात जो हुआ, उसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। गौ-रक्षक चंद्रशेखर बाबा उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ अपने दो साथियों के साथ एक ट्रक का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि ट्रक में गौवंश भरा हुआ था। जैसे ही बाबा ने ट्रक को ओवरटेक कर सामने बाइक खड़ी की, अचानक हालात बदल गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को बेरहमी से कुचलते हुए फरार हो गया। कुछ ही पलों में सड़क खून से लाल हो गई और एक पहचान बन चुके ‘फरसा वाले बाबा’ हमेशा के लिए खामोश हो गए।
यहीं से शुरू हुआ सवालों का सिलसिला—क्या ये सिर्फ सड़क हादसा था या जानबूझकर किया गया हमला?

 गुस्से का विस्फोट: हाईवे जाम, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज

बाबा की मौत की खबर जैसे ही फैली, समर्थकों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दिल्ली-कोलकाता हाईवे (NH-19) पर हजारों लोग उतर आए। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई किलोमीटर तक जाम फैल गया।
स्थिति तब और बिगड़ी जब पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को शांत कराने की कोशिश में पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आंसू गैस के गोले छोड़े गए और किसी तरह भीड़ को तितर-बितर किया गया। मथुरा की सड़कों पर उस वक्त अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था।

 योगी का सख्त संदेश: “किसी को नहीं बख्शेंगे”

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा—“आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।”
सीएम ने एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश से पूरी रिपोर्ट तलब की और अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक, मामले की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री स्तर से की जा रही है।
यह संदेश साफ है कि सरकार इस मामले को सिर्फ एक दुर्घटना नहीं मान रही, बल्कि हर एंगल से जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की तैयारी में है।

 सियासत में उबाल: अखिलेश यादव ने उठाए तीखे सवाल

मथुरा की घटना अब राजनीतिक रंग भी ले चुकी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। साधु-संत भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने वाराणसी में गोलीबारी और अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार माहौल खराब कर रही है।
इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है। जहां एक तरफ सरकार सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता बता रहा है।

 पुलिस का दावा: हालात काबू में, उपद्रवियों की पहचान जारी

डीआईजी शैलेश पांडे ने घटना के बाद स्थिति को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और हाईवे को भी खाली करा दिया गया है।
पुलिस ने उपद्रव करने वालों की पहचान शुरू कर दी है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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