Social Sharing icon

इंदौर/महू। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। ग्रामीण इलाके के एक आलीशान फार्महाउस में आधी रात चल रहे हाई-प्रोफाइल जुए के अड्डे पर पुलिस ने छापा मारकर 18 लोगों को गिरफ्तार किया और मौके से 13 लाख से अधिक की नकदी बरामद की। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस फार्महाउस में यह जुआ चल रहा था, वह एक महिला IAS अधिकारी और उनके पति के नाम पर दर्ज है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है।

मुखबिर की सूचना से खुला हाई-प्रोफाइल जुए का खेल

इंदौर ग्रामीण पुलिस को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि महू के मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आवलीपुरा में स्थित एक फार्महाउस में बड़े पैमाने पर जुए का फड़ लगाया जाता है। बताया जा रहा था कि यहां दूर-दराज जिलों से कारोबारी और बड़े खिलाड़ी पहुंचते हैं और रातभर लाखों की बाजी लगती है। जब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली तो वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और एक विशेष टीम तैयार की गई। बुधवार तड़के पुलिस ने पूरी योजना के साथ फार्महाउस पर दबिश दी। जब टीम मौके पर पहुंची तो मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर से आवाजें आ रही थीं। पुलिस को अंदेशा हो गया कि अंदर कुछ बड़ा खेल चल रहा है। इसके बाद टीम फार्महाउस के पीछे की तरफ से अंदर दाखिल हुई और बरामदे में कई लोगों को ताश के पत्तों पर बड़ी रकम लगाते हुए पाया।

फार्महाउस का नाम सामने आते ही मचा हड़कंप

जैसे ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और फार्महाउस की जानकारी जुटाई, तो पता चला कि यह संपत्ति महिला आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य और उनके पति अम्बरीश वैद्य के नाम पर दर्ज है। यह खुलासा होते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। वंदना वैद्य वर्तमान में इंदौर में वित्त विकास निगम की प्रबंध संचालक के पद पर तैनात हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभी स्पष्ट नहीं है कि फार्महाउस का इस्तेमाल जुए के अड्डे के रूप में किसकी जानकारी में किया जा रहा था। इस संबंध में जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस अवैध गतिविधि में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका भी है या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस ने किसी भी अधिकारी पर सीधे आरोप लगाने से बचते हुए जांच पूरी होने तक इंतजार करने की बात कही है।

पुलिस की दबिश, लाखों की नकदी और सामान जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि करीब 6 आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पकड़े गए लोगों के पास से पुलिस ने 13 लाख 67 हजार 971 रुपये नकद, 52 ताश के पत्ते, 10 नई ताश की गड्डियां, 30 मोबाइल फोन और दो कारें जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 28 लाख 67 हजार 971 रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अलग-अलग जिलों के व्यापारी और कारोबारी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक रात का खेल नहीं था बल्कि लंबे समय से यहां जुए का नेटवर्क संचालित हो रहा था, जहां बड़ी रकम की बाजियां लगती थीं।

जुआ रैकेट का मास्टरमाइंड अब भी फरार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे जुआ रैकेट का मुख्य सरगना जगदीश राठौर उर्फ कूबड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से जगह बदल-बदलकर जुए के अड्डे संचालित करता रहा है। जानकारी मिली है कि इस जुए का फड़ पहले 1 मार्च को लगना था, लेकिन किसी कारण से कार्यक्रम टल गया और बाद में 10 मार्च की तारीख तय की गई। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा। फिलहाल पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं और आसपास के जिलों में भी सूचना भेजी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जांच में सामने आ सकते हैं कई बड़े नाम

ग्रामीण एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई थी। मौके से 24 लोग जुआ खेलने के लिए अलग-अलग जिलों से आए थे, जिनमें से 18 को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस जुए के अड्डे के पीछे किसका संरक्षण था और क्या इस नेटवर्क के तार किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़े हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल यह मामला प्रदेश में हाई-प्रोफाइल जुआ रैकेट के रूप में चर्चा का विषय बन गया है और पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *