बरेली शहर में ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या के बीच इज्जतनगर में बन रहा नया बस अड्डा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। करीब 16.72 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्रोजेक्ट का काम बजट और डिजाइन में बदलाव के कारण फिर रुक गया है। विहंगम भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन परिसर में मिट्टी भराव के अलावा बाकी काम अभी शुरू भी नहीं हो पाए हैं। सड़क की ऊंचाई बढ़ जाने के कारण अब बस अड्डे की डिजाइन में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिससे परियोजना की समयसीमा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
जाम से राहत का सपना फिर अटका
बरेली शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। खासतौर पर पुराना बस अड्डा और सेटेलाइट बस अड्डा पर बसों का अत्यधिक दबाव होने से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रोजाना लंबा जाम लगता है। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए परिवहन निगम ने इज्जतनगर क्षेत्र में नया बस अड्डा बनाने की योजना तैयार की थी। करीब 16.72 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस बस अड्डे को शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने का बड़ा समाधान माना जा रहा था, लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के तीन साल बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। अब एक बार फिर इस प्रोजेक्ट की रफ्तार रुक गई है।
2023 में शुरू हुआ था निर्माण
परिवहन निगम को इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि बस अड्डे के निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद वर्ष 2023 में परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया। शुरुआती चरण में परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की गई और विहंगम भवन का निर्माण भी काफी हद तक पूरा कर लिया गया। लेकिन कुछ समय बाद बजट की कमी के कारण निर्माण कार्य अचानक धीमा पड़ गया।
किस्तों में मिला बजट
परियोजना के लिए शासन की ओर से बजट भी किस्तों में जारी किया गया।
- अगस्त 2023 में पहली किस्त – 3 करोड़ रुपये
- मार्च 2024 में दूसरी किस्त – 2 करोड़ रुपये
- तीसरी किस्त – 3.90 करोड़ रुपये
इन तीन किस्तों के जरिए कुल 8.90 करोड़ रुपये की लागत से विहंगम भवन तैयार कर लिया गया। लेकिन इसके बाद बजट की कमी के कारण बाकी निर्माण कार्य रुक गया।
पांच महीने पहले आया था नया बजट
करीब छह महीने पहले शासन ने 6.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया ताकि बस अड्डे के शेष कार्य पूरे किए जा सकें। इस बजट से परिसर को समतल करना, टाइल्स लगाना, फर्नीचर लगाना और अन्य सुविधाएं विकसित करनी थीं। लेकिन बजट मिलने के बावजूद काम तुरंत शुरू नहीं हो सका क्योंकि टेंडर प्रक्रिया में लंबा समय लग गया।
अब डिजाइन में फंसा नया पेंच
पिछले महीने जब निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया तो एक नया तकनीकी मुद्दा सामने आ गया। बताया जा रहा है कि बस अड्डे के पास से गुजरने वाली सड़क की ऊंचाई बढ़ गई है। इसके कारण बस अड्डे की मौजूदा डिजाइन में बदलाव करना जरूरी हो गया है। इसी वजह से अब डिजाइन में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जब तक शासन से इसकी मंजूरी नहीं मिलती, तब तक परियोजना का मुख्य निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सकेगा।
फिलहाल सिर्फ मिट्टी भराव
इस समय बस अड्डा परिसर में सिर्फ मिट्टी भराव का काम कराया जा रहा है ताकि परिसर को समतल बनाया जा सके। लेकिन भवन में फर्नीचर लगाने, यात्री सुविधाओं को विकसित करने और अन्य निर्माण कार्यों की शुरुआत अभी तक नहीं हो सकी है। यानी फिलहाल परियोजना का बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा पड़ा है।
जून तक पूरा करने का लक्ष्य
कार्यदायी संस्था ने शासन से इस परियोजना को पूरा करने के लिए जून तक का समय बढ़वाया था। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले छह महीने में भी इस परियोजना के पूरा होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। अगर डिजाइन में बदलाव की मंजूरी देर से मिलती है तो बस अड्डा बनने में और अधिक समय लग सकता है।
शहर के ट्रैफिक पर पड़ रहा असर
इज्जतनगर बस अड्डा तैयार होने से उम्मीद थी कि शहर के पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट बस अड्डे पर बसों का दबाव कम हो जाएगा। इससे बरेली शहर के प्रमुख मार्गों पर लगने वाला जाम भी काफी हद तक कम हो सकता था। लेकिन परियोजना में लगातार हो रही देरी के कारण शहर के लोगों को अभी भी जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
लोगों में बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस अड्डे का निर्माण लंबे समय से चल रहा है लेकिन काम की रफ्तार बेहद धीमी है। लोगों का मानना है कि अगर समय पर बजट और योजना के अनुसार काम किया जाता तो अब तक यह बस अड्डा शुरू हो चुका होता और शहर को ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिल जाती।
मंजूरी मिलते ही आगे बढ़ेगा काम
अधिकारियों का कहना है कि डिजाइन में बदलाव की मंजूरी शासन से मिलते ही निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके बाद परिसर का समतलीकरण, टाइल्स लगाना, फर्नीचर और यात्री सुविधाओं का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह बस अड्डा बरेली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।