झारखंड के गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब हेलमेट पहने हथियारबंद बदमाशों ने केंचुआ चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में दिनदहाड़े लूट का प्रयास किया। गार्ड की सूझबूझ और बहादुरी से अपराधी अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके, हालांकि इस दौरान हुई फिल्मी अंदाज की गुत्थम-गुत्थी और फायरिंग में गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया।
हेलमेट में छिपे चेहरे, संदिग्ध हरकत से खुला राज
बैंक के 50 वर्षीय गार्ड बिनोद कुमार ने जैसे ही हेलमेट पहने युवकों को अंदर आते देखा, उन्हें शक हुआ। आमतौर पर बैंक में आने वाले ग्राहक हेलमेट उतारकर ही प्रवेश करते हैं। गार्ड ने कर्तव्यनिष्ठा दिखाते हुए उनसे हेलमेट उतारने को कहा।
यही सवाल अपराधियों को नागवार गुजरा।
उन्होंने हेलमेट उतारने से इनकार कर दिया। बात बढ़ी, बहस हुई और देखते ही देखते गार्ड और अपराधियों के बीच गुत्थम-गुत्थी शुरू हो गई।
बहादुरी बनाम बंदूक
गार्ड ने अदम्य साहस दिखाते हुए एक अपराधी को जमीन पर पटक दिया। लेकिन तभी दूसरे बदमाश ने पीछे से आकर गार्ड को जोरदार धक्का दिया। संतुलन बिगड़ते ही अपराधी ने पिस्टल निकालकर फायर कर दिया।
गोली सीधे गार्ड के कंधे में जा लगी।
बैंक के भीतर मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग जमीन पर लेट गए, तो कुछ ने टेबल-काउंटर के पीछे छिपकर जान बचाई।
फिल्मी स्टाइल में फायरिंग और फरारी
गार्ड के जख्मी होते ही अपराधी तेजी से बाहर भागे। बाहर पहले से तैयार मोटरसाइकिल खड़ी थी। भीड़ इकट्ठा होती देख बदमाशों ने हवा में दो राउंड फायरिंग की और बाजार में दहशत फैलाते हुए बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो मोटरसाइकिलों पर तीन अपराधी आए थे और पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
CCTV फुटेज में कैद चेहरे?
घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चन्द्रशेखर आजाद और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। बैंक परिसर को घेरकर जांच शुरू की गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि हेलमेट के बावजूद कुछ सुराग हाथ लग सकते हैं। एसडीपीओ ने दावा किया कि अपराधी चाहे जहां छिपे हों, जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।
घायल गार्ड की हालत
स्थानीय लोगों की मदद से घायल गार्ड बिनोद कुमार को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए गोड्डा रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गोली कंधे में लगी है और हालत स्थिर है। लेकिन सवाल ये है — अगर गार्ड बहादुरी न दिखाता, तो क्या बैंक लुट चुका होता?
सियासी प्रतिक्रिया
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महागामा में अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
बाजार में डर का माहौल
दिनदहाड़े बैंक में गोली चलने की घटना ने पूरे बाजार को सहमा दिया है। लोग कह रहे हैं कि अगर बैंक भी सुरक्षित नहीं तो आम आदमी कहां जाए? स्थानीय व्यापारियों ने बैंक और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।