रंगों के त्योहार पर बरेली शहर को जाम से बचाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार सुबह 10 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक 36 घंटे के लिए भारी वाहनों की शहर में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। एंट्री प्वाइंट पर कड़ा पहरा रहेगा और वैकल्पिक रूट से वाहनों को डायवर्ट किया जाएगा, ताकि होली के दौरान आम लोगों को राहत मिल सके।
होली पर डायवर्जन प्लान
बरेली में इस बार होली केवल रंगों की नहीं, बल्कि ट्रैफिक अनुशासन की भी होगी। शहर में भारी वाहनों की नो-एंट्री का फैसला प्रशासन का साफ संदेश है—त्योहार के दौरान जाम और अव्यवस्था किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। 36 घंटे का यह ट्रैफिक प्लान शहर की भीड़ और त्योहार के दबाव को देखते हुए तैयार किया गया है।
बुधवार सुबह 10 बजे से गुरुवार रात 11 बजे तक ट्रक, डंपर और भारी मालवाहक वाहनों को शहर की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक होली पर बाजारों, मुख्य सड़कों और मोहल्लों में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में भारी वाहन दुर्घटना और जाम का कारण बन सकते हैं। इसलिए पहले से ही रोक लगाने का निर्णय लिया गया। एसपी ट्रैफिक अकमल खान ने साफ किया है कि एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहनों को छूट रहेगी, लेकिन किसी भी भारी वाहन को शहर में घुसने की इजाजत नहीं होगी।
एंट्री प्वाइंट पर कड़ा पहरा
शहर के हर प्रमुख प्रवेश मार्ग पर पुलिस तैनात रहेगी। परसाखेड़ा रोड, बिलवा पुल, लालपुर कट, विलयधाम, नवदिया झादा, ट्रांसपोर्ट नगर, रजऊ परसपुर तिराहा, रामगंगा तिराहा और बुखारा मोड़ पर सख्त निगरानी होगी। यहां बैरिकेडिंग के साथ अतिरिक्त फोर्स भी लगाई गई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी ट्रक या भारी वाहन प्रतिबंध का उल्लंघन न कर सके। जरूरत पड़ने पर चालान और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
बदायूं रूट के लिए प्लान बी
दिल्ली, मुरादाबाद, रामपुर, नैनीताल और पीलीभीत की ओर से आने वाले भारी वाहन यदि बदायूं जा रहे हैं तो उन्हें झुमका तिराहे से बड़ा बाइपास लेना होगा। वहां से नवदिया झादा, फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी, दातागंज, देवचरा और भमोरा मार्ग से गुजरना होगा। यह वैकल्पिक रूट इसलिए तय किया गया है ताकि शहर के भीतर भीड़ का दबाव न बढ़े और यातायात सुचारू बना रहे।
लखनऊ के लिए अलग रणनीति
लखनऊ जाने वाले भारी वाहन बड़ा बाइपास से झुमका, बिलवा और विलयधाम होते हुए फरीदपुर की ओर भेजे जाएंगे। वहीं लखनऊ से दिल्ली की ओर आने वाले वाहन फरीदपुर और रजऊ परसपुर तिराहा से बड़ा बाइपास पकड़ेंगे। यह डायवर्जन अस्थायी है, लेकिन इसका पालन सख्ती से कराया जाएगा।
बसों को मिली आंशिक राहत
रोडवेज बसों के लिए अलग व्यवस्था की गई है। बदायूं और लखनऊ की तरफ से आने वाली बसें रजऊ परसपुर तिराहा से सेटेलाइट बस अड्डे तक आ सकेंगी। वहीं दिल्ली से आने वाली बसों को मिनी बाइपास, इज्जतनगर, डेलापीर और सौ फुटा पूर्वी मार्ग से सेटेलाइट बस अड्डे तक पहुंचने की अनुमति होगी। इस व्यवस्था से यात्रियों को सीधी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
होली पर बरेली के बाजार, चौक-चौराहे और रिहायशी इलाके पूरी तरह गुलजार रहते हैं। रंग खेलने, खरीदारी और मिलन कार्यक्रमों के कारण ट्रैफिक का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। पिछले वर्षों में त्योहार के दौरान लंबा जाम और अव्यवस्था देखी गई थी। प्रशासन इस बार पहले से तैयार है ताकि त्योहार शांति और सुचारू यातायात के साथ मनाया जा सके।
आम लोगों को राहत
नो-एंट्री का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को होगा। उन्हें बाजार, मंदिर और रिश्तेदारों के घर जाने में कम परेशानी होगी। छोटे वाहन और दोपहिया यातायात पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। हालांकि माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट कारोबार पर अस्थायी असर पड़ेगा, लेकिन प्रशासन का मानना है कि 36 घंटे की यह सख्ती बड़े हादसों और जाम से बचाएगी।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर चालान और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी निगरानी भी की जाएगी ताकि नियम तोड़ने वालों की पहचान हो सके।