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बरेली के शाही थाना क्षेत्र के मंडवा बंशीपुर गांव में एक नवविवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि दहेज के लिए की गई हत्या बताया है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत चार आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

10 महीने पहले सजी थी डोली, अब उठी अर्थी

शाही थाना क्षेत्र के धनेली की गौटिया निवासी मलखान ने करीब 10 महीने पहले अपनी बेटी सुनीता की शादी मंडवा बंशीपुर निवासी राजपाल से पूरे रीति-रिवाजों के साथ की थी। परिवार का दावा है कि हैसियत के अनुसार दान-दहेज भी दिया गया, लेकिन ससुराल पक्ष उससे संतुष्ट नहीं था। मायके वालों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू हो गई थी। सुनीता पर लगातार मायके से रुपए और सामान लाने का दबाव बनाया जाता था।

एक लाख रुपये की मांग बनी जानलेवा?

परिजनों का आरोप है कि सोमवार रात सुनीता से मायके से एक लाख रुपये और अन्य सामान मंगाने की बात कही गई। जब उसने असमर्थता जताई तो पति राजपाल, सास गंगादेवी, ससुर मंगलसेन और ननद प्रीती ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। आरोप यह भी है कि हत्या के बाद शव को फंदे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा दिखाई दे।

रिश्तेदार से मिली सूचना, ससुराल वालों ने नहीं दी खबर

मलखान का कहना है कि घटना की जानकारी ससुराल पक्ष ने नहीं दी। एक रिश्तेदार से सूचना मिलने पर वह भागते हुए बेटी की ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचने पर सुनीता का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि पति घर से गायब था। बेटी का शव देखते ही परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। गांव में भी घटना को लेकर आक्रोश फैल गया और लोग न्याय की मांग करने लगे।

पति समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज

सूचना मिलते ही शाही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता की तहरीर पर पति राजपाल, सास गंगादेवी, ससुर मंगलसेन और ननद प्रीती के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।

दहेज की कड़वी हकीकत फिर आई सामने

यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करती है। कानून में सख्त प्रावधान होने के बावजूद दहेज को लेकर महिलाओं पर अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं। यदि विवाह के सात साल के भीतर किसी महिला की संदिग्ध मौत होती है और उसके साथ दहेज को लेकर उत्पीड़न के प्रमाण मिलते हैं, तो इसे दहेज हत्या माना जाता है।

अब जांच पर टिकी निगाहें

  • अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद सामने आएगी।
  • क्या यह आत्महत्या थी?
  • या सचमुच हत्या कर फंदे पर लटकाया गया?

इन सवालों के जवाब ही तय करेंगे कि सुनीता को न्याय कब और कैसे मिलेगा।

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