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सिंगापुर दौरे पर गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लिए बड़ा निवेश सौदा कर इतिहास रच दिया। विमानन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एआई सैट्स के साथ हुए 4458 करोड़ रुपये के एमओयू के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचन और अत्याधुनिक कार्गो हब का केंद्र बनेगा। यह निवेश न सिर्फ हजारों रोजगार पैदा करेगा बल्कि उत्तर भारत की लॉजिस्टिक्स ताकत को नई उड़ान देगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला ग्लोबल पार्टनर

Yogi Adityanath के सिंगापुर दौरे का दूसरा दिन उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। वैश्विक विमानन सेवा कंपनी AI SATS के साथ हुआ समझौता ज्ञापन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को बदल देने वाला कदम माना जा रहा है। 4458 करोड़ रुपये का यह निवेश सीधे तौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक वैश्विक लॉजिस्टिक्स और एयर कैटरिंग हब के रूप में स्थापित करेगा। सरकार के सूत्रों का कहना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में हजारों करोड़ का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष योगदान देगी।

बनेगा अत्याधुनिक कार्गो परिसर, उत्तर भारत का नया निर्यात द्वार

नोएडा एयरपोर्ट पर बनने वाला कार्गो परिसर केवल एक गोदाम नहीं होगा, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, और कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए हाई-टेक सुविधा से लैस हब होगा। विशेषताएँ:

  • स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम
  • डिजिटल ट्रैकिंग और ऑटोमेटेड लोडिंग
  • कोल्ड स्टोरेज चेन नेटवर्क
  • मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी (सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे)

विश्लेषकों के अनुसार, इससे यूपी की निर्यात क्षमता में 20-30% तक वृद्धि हो सकती है। खासकर जेवर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

वर्ल्ड क्लास एयर कैटरिंग किचन… सिर्फ खाना नहीं, सप्लाई चेन क्रांति

एमओयू की दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना है विश्व स्तरीय एयर कैटरिंग किचन। यहां तैयार भोजन न केवल नोएडा एयरपोर्ट बल्कि उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों को सप्लाई किया जाएगा। इसका मतलब है:

  • उच्च गुणवत्ता मानकों वाला भोजन
  • हजारों युवाओं के लिए रोजगार
  • फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को मजबूती
  • सप्लाई चेन नेटवर्क का विस्तार

खास बात यह है कि यह किचन हाई-हाइजीन, ऑटोमेटेड और इंटरनेशनल एविएशन स्टैंडर्ड्स पर आधारित होगा।

 यात्रियों के लिए जमीनी सफर भी हाईटेक

Yamuna International Airport Private Limited के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमन ने साफ किया कि विश्वस्तरीय एयरपोर्ट अनुभव केवल रनवे और टर्मिनल तक सीमित नहीं होता। इसी दिशा में मैन फ्लीट पार्टनर्स लिमिटेड के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत:

  • प्रीमियम पिक-अप और ड्रॉप
  • इंट्रा-टर्मिनल शटल
  • किराये की कारें

परी चौक, बॉटनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए बस सेवा भविष्य में मेट्रो और अन्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी जोड़ी जाएगी।

रोजगार की बरसात… हजारों नौकरियों के द्वार खुलेंगे

  • 4458 करोड़ का निवेश केवल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण नहीं है। इससे:
  • प्रत्यक्ष रोजगार: तकनीकी स्टाफ, फूड प्रोसेसिंग कर्मी, लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ
  • अप्रत्यक्ष रोजगार: सप्लाई चेन, परिवहन, वेयरहाउसिंग, सुरक्षा सेवा
  • सरकार का अनुमान है कि परियोजना से हजारों युवाओं को स्थायी रोजगार मिलेगा।

यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा एशियाई बूस्ट

सिंगापुर जैसे वैश्विक व्यापारिक केंद्र से सीधा निवेश यूपी के लिए विश्वास की मुहर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश का केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पहले से ही देश के सबसे महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। अब AI SATS का साथ मिलने के बाद यह एयरपोर्ट कार्गो, कैटरिंग और डिजिटल लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

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