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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उस वक्त सामने आ गई जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर अचानक धावा बोल दिया। औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं पकड़ में आईं। कहीं जरूरी अभिलेख अधूरे मिले तो कहीं मशीनों से जुड़े दस्तावेज नदारद थे। कई केंद्रों पर शासन द्वारा तय मानकों का खुला उल्लंघन सामने आया, जिससे विभागीय अधिकारियों के तेवर सख्त हो गए।

कागज़ों में खेल, मानकों की अनदेखी

जांच के दौरान टीम ने पाया कि कुछ सेंटरों में मरीजों के रिकॉर्ड का सही रख-रखाव नहीं किया जा रहा था। मशीनों की वैधता और पंजीकरण से संबंधित कागज़ात भी अधूरे पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। निरीक्षण टीम ने मौके पर ही संचालकों से जवाब तलब किया।

नोटिस जारी, जवाब नहीं तो कार्रवाई तय

स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। साफ चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि जांच पूरी होते ही आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले में अन्य डायग्नोस्टिक सेंटरों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

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