भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश बजट ने महिलाओं, किसानों और छात्रों के लिए योजनाओं की झड़ी लगा दी है। ‘लाडली बहना’ योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये और आठवीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा ने बजट को खास बना दिया। वित्त मंत्री Jagdish Devda ने इसे गरीबों और युवाओं को समर्पित बताते हुए कहा कि इस साल भी कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा।
4.38 लाख करोड़ का दांव—कोई नया टैक्स नहीं
मध्य प्रदेश का कुल अनुमानित बजट 4,38,317 करोड़ रुपये रखा गया है। सबसे बड़ी राहत—जनता पर कोई नया कर नहीं। सरकार को कर राजस्व में 10.6% वृद्धि की उम्मीद है। विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने दावा किया कि यह बजट केवल घोषणाओं का नहीं, अमल का दस्तावेज है। सरकार के मुताबिक, यह विज़न विकास, निवेश और सामाजिक सुरक्षा के संतुलन पर आधारित है।
‘लाडली’ पर बड़ा निवेश—महिला सशक्तिकरण की रणनीति
राज्य की चर्चित Ladli Behna Yojana के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 1.25 करोड़ पंजीकृत महिलाएं प्रतिमाह 1500 रुपये की सहायता पा रही हैं। साथ ही Ladli Laxmi Yojana के तहत 52 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हैं, जिसके लिए 1852 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।
सरकार का तर्क है कि महिला आय-सहायता से घरेलू खपत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में तलाकशुदा बेटियों को 1 अप्रैल 2026 से पेंशन देने का निर्णय भी शामिल है।
पोषण और शिक्षा—आठवीं तक फ्री टेट्रा पैक दूध
आंगनवाड़ी केंद्रों और आठवीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा ने बजट को चर्चा में ला दिया। सरकार का कहना है कि यह कदम कुपोषण में कमी और स्कूल उपस्थिति में वृद्धि लाएगा।
इसके साथ 15,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है, 294 सांदीपनि स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 7.95 लाख विद्यार्थियों को सहायता दी जा रही है। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए Sardar Patel Coaching Yojana के अंतर्गत 4,000 छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
किसान फोकस—सोलर पंप से कृषक उन्नति तक
2026 को किसानों को समर्पित बताते हुए 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का एलान किया गया। किसानों को 12,000 रुपये वार्षिक सहायता जारी रहेगी और 70 लाख किसान क्रेडिट कार्ड धारक राज्य में सक्रिय हैं।
Mukhyamantri Krishak Unnati Yojana के लिए 5500 करोड़ रुपये तथा 337 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपये रखे गए हैं। प्राकृतिक खेती और आधुनिक गौशालाओं पर भी बल दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़ रुपये का प्रावधान ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति देगा।
ऊर्जा, खेल और पुलिस—बहुआयामी विस्तार
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का दावा करते हुए सतपुड़ा और अमरकंटक ताप विद्युत गृहों के अपग्रेड की घोषणा हुई। खेल विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये और सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण की बात कही गई।
पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया और 11,000 नए आवास निर्माण का प्रावधान कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में कदम है। दिव्यांग कल्याण के लिए 2857 करोड़ और वन-पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6,151 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।
निवेश और शहरी विकास—मेट्रो, ई-बस और आवास
सरकार के अनुसार दो वर्षों में बड़े निवेश प्रस्ताव आए हैं और 19,300 एकड़ पर इंडस्ट्रियल एरिया व आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
भोपाल-इंदौर में मेट्रो की शुरुआत और ई-बस संचालन शहरों के आधुनिकीकरण का संकेत है। पीएम आवास योजना के लिए 6850 करोड़ तथा जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
धार्मिक पर्यटन में Simhastha Kumbh Mela के लिए 13,851 करोड़ के कार्य प्रस्तावित, जिनमें 3060 करोड़ इस बजट में रखे गए हैं।
राजनीतिक संदेश क्या?
कोई नया टैक्स नहीं—यह मध्यम वर्ग के लिए राहत है। महिला-केंद्रित और किसान उन्मुख प्रावधान राजनीतिक रूप से भी अहम माने जा रहे हैं। विपक्ष ने सवाल उठाए, पर सरकार का दावा है कि यह “समावेशी और क्रियान्वयन-योग्य” बजट है।