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लखनऊ : 2026-27 के बजट में ग्राम्य विकास को प्राथमिकता दी गई है। गांवों की बुनियादी जरूरतों, आवास, सड़क और आजीविका सृजन को गति देने के लिए 25,500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है।

आजीविका और आत्मनिर्भरता पर फोकस
ग्राम्य विकास की योजनाओं के लिए कुल 25,500 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 4,580 करोड़ तथा वीबी जीरामजी योजना के लिए 5,544 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं के जरिए स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों को स्थायी रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है।

आवास निर्माण में तेजी से पूरा किया जा रहा लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक 36.56 लाख आवास के लक्ष्य के सापेक्ष 36.37 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष निर्माणाधीन आवास शीघ्र पूर्ण कराए जा रहे हैं। योजना के लिए 6,102 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसी तरह मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक 4.61 लाख आवास के लक्ष्य में से 3.67 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। शेष आवासों का निर्माण तेजी से पूरा कराया जा रहा है।

सड़क से तेज होगी विकास की रफ्तार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 822 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित है, जिससे गांवों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

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