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लखनऊ: उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में बालकों, बालिकाओं एवं निराश्रित बालकों के लिए सुरक्षा, शिक्षा और पुष्टाहार के लिए समुचित प्रयास किए हैं। प्रदेश में 1,89,996 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। वर्ष 2024-25 में 211.40 लाख बालकों को अनुपूरक पुष्टाहार के लिए 3,477 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वर्ष 2024-25 किशोरी बालिक पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत 2.65 लाख बालिकाओं के लिए 47.70 करोड़ रुपये खर्च किए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों के अपग्रेडेशन के लिए वर्ष 2024-25 में 178.45 करोड़ व्यय किया गया।

897 बाल विकास परियोजना केन्द्रों पर बच्चों की देखभाल
प्रदेश के समस्त जनपदों में 897 बाल विकास परियोजना केन्द्रों द्वारा गर्भवती/धात्री महिलाओं तथा 06 माह से 06 वर्ष तक की आयुवर्ग के बच्चों हेतु 6 सेवाएं क्रमशः अनुपूरक पोषाहार, स्वास्थ्य प्रतिरक्षण, स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा, स्कूल पूर्व शिक्षा तथा संदर्भन सेवाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा रेसिपी बेस्ड पुष्टाहार उत्पादन इकाईयां स्थापित की गयी हैं, जिनके द्वारा तैयार रेसिपी बेस्ड टेक होम राशन आगनवाड़ी केन्द्रों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। आंगन बाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को शिक्षा के प्रति अभिरुचि उत्पन्न करने के दृष्टिगत प्री-स्कूल किट / ईसी.सी ई. सामग्रियों की व्यवस्था है, जिससे औपचारिक शिक्षा से पूर्व उनके भविष्य की नीव खड़ी हो सके और उनको रचनात्मक दिशा प्राप्त हो।

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 4.4 गुना बढ़े लाभार्थी
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड एवं सामान्य) के अंतर्गत माता या पिता अथवा दोनों की मृत्यु पर उनके बच्चों को प्रतिमाह अनुदान दिए जाने की व्यवस्था है, साथ ही कक्षा-9 या इससे ऊपर अथवा व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को टैबलेट/लैपटॉप दिये जाने की भी व्यवस्था की गई है। योजना आरम्भ वर्ष 2021-22 में 17,788 लाभार्थी थे, जो वर्ष 2024-25 में 4.4 गुना बढ़कर 78,852 हो गये। योजनान्तर्गत वर्ष 2021-22 में रु. 50.09 करोड़ व्यय हुए थे, जो इस अवधि में 68.45% की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से बढ़कर में दिसंबर, 2025 तक रु. 164.25 करोड़ की धनराशि से 1.06 लाख बालकों को लाभान्वित किया गया है।

प्रदेश में 75 चाइल्ड हेल्प लाइन यूनिट
आर्थिक समीक्षा के अनुसार बाल अधिकार संरक्षण, आश्रय व पुनर्वास से लेकर चिकित्सीय व आर्थिक सहयोग को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार गंभीर है। संकटग्रस्त बच्चों हेतु प्रदेश में 24×7 आपातकालीन आउटरीच सेवा संचालित है, जो पुलिस, चिकित्सा, आश्रय, कानूनी व भावनात्मक सहायता प्रदान कर परिवार में पुनर्समेकन हेतु सहयोग करती है। प्रदेश में 75 चाइल्ड हेल्प लाइन यूनिट, 19 रेलवे स्टेशन यूनिट एव 02 बस स्टैण्ड यूनिट संचालित हैं। कठिन परिस्थितियों में बच्चों के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 1098 सर्वसुलभ है। मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजनान्तर्गत 100-100 बेड की क्षमता के 10 आश्रय गृह, 07 राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), मथुरा में 01 राजकीय प्लेस आफ सेफ्टी (किशोर), फिरोजाबाद में 01 राजकीय बाल गृह (बालक) तथा झाँसी में 01 राजकीय बाल गृह (बालिका) के निर्माण हेतु कार्यवाही की जा रही है।

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