यात्रियों के लिए सफर इन दिनों किसी चुनौती से कम नहीं है। एक तरफ रेलवे ने लगातार देरी से चल रही सुपरफास्ट ट्रेनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनका दर्जा छीन लिया है, तो दूसरी ओर कोहरा और ठंड ने रेल और सड़क परिवहन दोनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बरेली होकर गुजरने वाली कई अहम ट्रेनों के फैसले और मौसम की मार ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सुपरफास्ट का तमगा छीना, अब मेल-एक्सप्रेस बनेंगी गाड़ियां
बरेली: बरेली होकर गुजरने वाली तीन सुपरफास्ट ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी आखिरकार उनके लिए भारी पड़ गई। रेलवे ने बड़ा फैसला लेते हुए देहरादून-हावड़ा और जम्मूतवी-हावड़ा रूट पर दौड़ने वाली इन गाड़ियों से सुपरफास्ट का दर्जा छीन लिया है। अब ये ट्रेनें मेल-एक्सप्रेस के रूप में चलाई जाएंगी। रेलवे ने इनके नंबर भी बदल दिए हैं, जो 14 अप्रैल से लागू होंगे। यह फैसला उन यात्रियों के लिए चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन रेलवे के मुताबिक यह मजबूरी में उठाया गया कदम है।
समय पर न चल सकीं ट्रेनें, बढ़ती गई शिकायतें
रेलवे अधिकारियों के अनुसार ये ट्रेनें लंबे समय से अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही थीं। यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। कई बार ट्रेनें 3 से 5 घंटे तक लेट पहुंचीं, जिससे कनेक्टिंग ट्रेनों और बसों का इंतजार करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हुई। रेलवे ने माना कि जब कोई ट्रेन नियमित रूप से समय पर नहीं चल पा रही है, तो उसे सुपरफास्ट कहना यात्रियों के साथ अन्याय है।
कौन-कौन सी ट्रेनें बदली जाएंगी?
फिलहाल सुपरफास्ट के रूप में चल रही ये ट्रेनें अब मेल-एक्सप्रेस बनेंगी:
- 12327-28 उपासना एक्सप्रेस → 13035-36
- 12369-70 कुंभ एक्सप्रेस → 13037-38
- 12331-32 हिमगिरि एक्सप्रेस → 13041-42
दर्जा बदलने के बाद इन ट्रेनों का किराया कुछ हद तक कम होगा, जिससे यात्रियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें, कोहरा बना सबसे बड़ी बाधा
रेलवे की कार्रवाई के बीच मौसम ने भी परिवहन व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद अचानक ठंड और घना कोहरा छा गया। शनिवार सुबह से ही दृश्यता बेहद कम रही, जिससे ट्रेनों की गति धीमी करनी पड़ी।
कोहरे की वजह से:
- वाराणसी-आनंद विहार साप्ताहिक ट्रेन 3 घंटे लेट
- राजधानी एक्सप्रेस 1 घंटे देरी से
- श्रमजीवी एक्सप्रेस 2 घंटे लेट पहुंची
इसके अलावा अवध-असम, दिल्ली-हावड़ा साप्ताहिक, वंदे भारत, गरीब रथ और अमृत भारत जैसी प्रमुख ट्रेनें भी समय से नहीं चल सकीं।
सड़क परिवहन भी ठप, 18 रोडवेज बसें रद्द
रेल के साथ-साथ सड़क परिवहन भी बेहाल नजर आया। खराब मौसम के कारण रोडवेज को लंबे रूट की 18 बसें निरस्त करनी पड़ीं। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, आगरा, देहरादून और हल्द्वानी रूटों पर यात्रियों की संख्या अचानक घट गई।रात की बस सेवाओं में यात्रियों को दूसरी बसों में समायोजित किया गया, जिससे अव्यवस्था और नाराजगी देखने को मिली।
यात्रियों के लिए सफर क्यों बन गया मुश्किल?
एक तरफ रेलवे लेटलतीफी पर सख्ती दिखा रहा है, तो दूसरी ओर मौसम हर योजना को फेल कर रहा है। नतीजा यह है कि:
- ट्रेनें देर से
- बसें रद्द
- प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार
- यात्रियों में गुस्सा और बेबसी
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कोहरा और ठंड बने रह सकते हैं। ऐसे में रेलवे को रफ्तार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना होगा। यात्रियों को भी सफर से पहले ट्रेन और बस की स्थिति जांचने की सलाह दी जा रही है। रेलवे की सख्ती और मौसम की मार ने यह साफ कर दिया है कि सफर सिर्फ टिकट लेने से पूरा नहीं होता। जब सुपरफास्ट भी रफ्तार खो दें और बसें रास्ते में रुक जाएं, तो सबसे ज्यादा असर आम यात्री पर पड़ता है। फिलहाल सफर आसान नहीं, बल्कि धैर्य की परीक्षा बन चुका है।