दिल्ली-एनसीआर में इस जनवरी की कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री और AQI 615 तक पहुंच जाने से स्वास्थ्य को खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने शीतलहर और कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे नागरिकों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली मौसम अपडेट: ठंड और जहरीली हवा ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं
दिल्ली-एनसीआर इस जनवरी में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जूझ रहा है। मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी में न्यूनतम तापमान सुबह 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि अधिकतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दोपहर में 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ठंडी हवाएं ठंड को और भी ज्यादा महसूस करवा रही हैं, जिससे लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह और देर रात दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकते हैं। यात्रियों को सुरक्षा के लिए विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
शीतलहर का असर
शीतलहर के चलते राजधानी के बुजुर्ग, बच्चे और बीमार नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। मंगलवार सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले तीन सालों में जनवरी की सबसे ठंडी सुबह रही। वहीं नोएडा में पारा 2 डिग्री तक गिर गया। लोग सुबह उठकर भी गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। स्थानीय बाजारों में हीटर, वूलन कपड़े और गर्म पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है।
दिल्ली की हवा अब बेहद जहरीली
ठंड और कोहरे के साथ-साथ दिल्ली का AQI 615 तक पहुंच गया है, जो “बहुत ही गंभीर” श्रेणी में आता है। सांस संबंधी मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी और गले में जलन की शिकायतें बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि घर से बाहर निकलते समय N95 मास्क का इस्तेमाल करें, और संभव हो तो घर के अंदर ही रहें। पर्यावरणविद् बता रहे हैं कि प्रदूषण के इस स्तर के पीछे वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक गतिविधियां और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना मुख्य कारण हैं। लोग घर के भीतर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल कर सकते हैं और खिड़कियां व दरवाजे बंद रखकर जहरीली हवा से बच सकते हैं।
कोहरे से दैनिक जीवन प्रभावित
दिल्ली में घने कोहरे के चलते दृश्यता बहुत कम हो रही है। कई उड़ानें और ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं, जबकि सड़क पर ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। यात्रियों को अपनी यात्रा पहले से योजना बनाकर करने की सलाह दी जा रही है। स्कूल और ऑफिस भी कर्मचारियों और छात्रों की सुरक्षा के लिए लचीली समय-सारिणी अपनाने को कह रहे हैं। सुबह के समय लोग गर्म चाय और कॉफी का सहारा लेकर ठंड से लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग कोहरे और बर्फ से ढकी सड़कों की तस्वीरें साझा कर रहे हैं।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी: राहत और बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, 15 जनवरी से 20 जनवरी के बीच तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। अधिकतम तापमान 23 डिग्री तक पहुँच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि सुबह के समय हल्का कोहरा बना रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ 15 जनवरी के आसपास सक्रिय होने की संभावना है, जो दिल्ली-एनसीआर में भी असर डाल सकता है। इसका प्रभाव आसमान में छिटपुट बादलों, हल्की बारिश और ओलावृष्टि के रूप में देखने को मिल सकता है। इस बदलाव से ठंड कुछ समय के लिए कम हो सकती है, लेकिन अचानक मौसम में फेरबदल से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी
अत्यधिक ठंड और जहरीली हवा के कारण स्वास्थ्य विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। लोगों को गर्म पानी पीने, गरम भोजन करने और बाहर कम से कम समय बिताने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सांस की समस्याओं वाले लोगों को दवाइयों का नियमित इस्तेमाल करने और डॉक्टर की सलाह लेने की सख्त हिदायत दी गई है।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
ठंड और जहरीली हवा का असर सिर्फ स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। बाजारों में गर्म कपड़े, हीटर और एयर प्यूरीफायर की मांग बढ़ गई है। स्कूल और ऑफिस समय में बदलाव कर रहे हैं, जबकि सड़क और रेल परिवहन प्रभावित हो रहा है। सड़क पर ठंड में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल सावधानी और तैयारी दोनों की जरूरत है। मौसम विभाग के अनुसार, थोड़ी राहत जरूर मिलने वाली है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और कोहरे के चलते हालात फिर बदल सकते हैं। नागरिकों को स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए जरूरी कदम उठाने होंगे।