रुहेलखंड से हजारों युवाओं के आगरा पहुंचने का दावा, समानता और निष्पक्ष न्याय की उठाई आवाज
बरेली। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने 20 सितंबर 2026 को आगरा में प्रस्तावित ‘सनातन शक्ति सम्मेलन’ को लेकर बरेली से बड़ा आह्वान किया है। शुक्रवार को बरेली प्रवास पर पहुंचे महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह ‘राजू’ ने प्रेस वार्ता में कहा कि सम्मेलन में रुहेलखंड मंडल के बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं से हजारों की संख्या में सामान्य वर्ग के युवा, अभिभावक और शिक्षाविद शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि महासभा का अभियान किसी समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि समानता और निष्पक्ष न्याय की मांग को लेकर है।
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास में सामान्य वर्ग भी शामिल’
राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि देश संविधान से चलता है और संविधान समानता, सद्भाव तथा न्याय की बात करता है। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना में सामान्य वर्ग भी शामिल है। उनके मुताबिक, UGC के नए नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के करोड़ों युवाओं और उनके अभिभावकों में चिंता है। उन्होंने कहा कि महासभा का अभियान ‘खाड़ी से पहाड़ी तक’ भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
SC/ST समाज के खिलाफ नहीं, भेदभाव के खिलाफ लड़ाई का दावा
महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री ने स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी SC/ST भाई के साथ अन्याय के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान और देश का संविधान सभी नागरिकों के लिए समानता एवं सद्भाव की भावना रखता है। महासभा की मांग है कि कानून का इस्तेमाल निष्पक्ष तरीके से हो और किसी निर्दोष व्यक्ति का भविष्य प्रभावित न हो।
नियम 3(1)(c) को लेकर उठाए सवाल, ‘कानून सबके लिए समान हो’
राघवेंद्र सिंह राजू ने महासभा की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। पहली मांग में उन्होंने समानता सबके लिए लागू करने की बात कही। महासभा ने नियम 3(1)(c) की परिभाषा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून ऐसा होना चाहिए जिसमें भेदभाव करने वाले व्यक्ति की पहचान किसी वर्ग विशेष तक सीमित न हो और शिकायत की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
‘बिना जांच किसी छात्र को दोषी न माना जाए’
दूसरी प्रमुख मांग निष्पक्ष जांच की है। राजू ने कहा कि किसी भी शिकायत के आधार पर बिना जांच और दोनों पक्षों को सुने किसी छात्र को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि शिकायत गलत साबित होती है तो उसका असर छात्र के पूरे शैक्षिक और व्यावसायिक भविष्य पर पड़ सकता है। महासभा ने इस संबंध में निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित किए जाने की मांग की।
फर्जी मुकदमे पर दोगुना जुर्माना और कड़ी सजा की मांग
महासभा की तीसरी मांग कथित फर्जी मुकदमों को लेकर है। संगठन ने मांग की कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी निर्दोष के खिलाफ SC/ST Act का झूठा मुकदमा दर्ज कराता है और शिकायत गलत साबित होती है तो ऐसे मामलों में दोगुना जुर्माना और कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। महासभा का कहना है कि कानून की सुरक्षा वास्तविक पीड़ितों को मिले, लेकिन निर्दोष लोगों के अधिकारों की भी रक्षा होनी चाहिए।
‘सवर्ण समाज ने देश को दिया, अब बच्चों के भविष्य की चिंता’
राघवेंद्र सिंह राजू ने कहा कि सामान्य वर्ग ने देश के लिए हमेशा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर देश के लिए बलिदान देने से लेकर करों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान तक, समाज ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर भी सामान्य वर्ग ने देशहित में कई परिस्थितियों को स्वीकार किया, लेकिन अब युवाओं के भविष्य और उनके सम्मान से जुड़े सवालों को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री को लिखे खुले पत्र का किया हवाला
उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे गए खुले पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रोक और सरकार की ओर से पुनर्विचार के फैसले ने करोड़ों युवाओं में उम्मीद पैदा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार सामान्य वर्ग की चिंताओं को भी गंभीरता से सुनेगी और संविधान की भावना के अनुरूप समाधान की दिशा में कदम उठाएगी।
20 सितंबर को आगरा में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
महासभा ने 20 सितंबर को आगरा में होने वाले ‘सनातन शक्ति सम्मेलन’ को संगठन के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया है। बरेली में हुई प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने रुहेलखंड मंडल से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी का दावा किया। सम्मेलन के जरिए संगठन समानता, निष्पक्ष जांच और सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह राजू, राष्ट्रीय संगठन मंत्री इंजी. भुवनेश्वर सिंह, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य यशपाल सिंह, जिला अध्यक्ष सर्वेश्वर पाल सिंह सहित महासभा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।