बरेली। सनातन संस्कृति में कन्यादान को महादान माना गया है, लेकिन जब यही पुण्य कार्य समाज की आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों के जीवन में खुशियों का उजाला बनकर उतरता है, तो वह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बन जाता है। रविवार को जोगी नवादा स्थित श्री बाबा वनखंडी नाथ मंदिर परिसर में कुछ ऐसा ही भावपूर्ण नजारा देखने को मिला। श्री रामलीला समिति की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 101 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सात जन्मों के पवित्र बंधन में बंध गए। घोड़ों पर सवार दूल्हे, बैंड-बाजों की गूंज, मंगलगीतों की स्वर लहरियां और बेटियों की विदाई के भावुक क्षणों ने पूरे आयोजन को आस्था, संस्कार और सामाजिक सेवा के अनूठे संगम में बदल दिया।
वर्षों से निभा रहे बेटियों के कन्यादान की परंपरा, पप्पू गिरधारी का परिवार बना सहारा
श्री रामलीला समिति के संयोजक गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी और उनके परिवार की ओर से कई वर्षों से पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ सामूहिक विवाह की यह परंपरा निभाई जा रही है। पप्पू गिरधारी के साथ उनके बेटे धर्मेंद्र और रिंकू भी इस पुण्य कार्य में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजन को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और सेवा भावना का हिस्सा मानते हैं। आर्थिक अभाव के कारण बेटियों के विवाह की चिंता से जूझने वाले परिवारों के लिए यह आयोजन उम्मीद की किरण बनकर सामने आता है। समिति न केवल बेटियों के विवाह की धार्मिक रस्में संपन्न कराती है, बल्कि नवदंपतियों को गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक उपहार सामग्री भी उपलब्ध कराती है। इस परंपरा के माध्यम से समाज को संदेश दिया जाता है कि किसी जरूरतमंद बेटी के विवाह में सहयोग करना केवल दान नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदना का निर्वहन भी है।
घोड़ों पर सवार 101 दूल्हों की निकली बारात, बैंड-बाजों से गूंज उठा इलाका
सामूहिक विवाह समारोह की शुरुआत सुरेश शर्मा नगर स्थित मेला संरक्षक धर्मेंद्र राठौर उर्फ रिंकू के निवास से हुई। यहां से 101 दूल्हों की भव्य बारात निकाली गई। सभी दूल्हे अलग-अलग घोड़ों पर सवार होकर अपनी जीवनसंगिनी को लेने निकले। बैंड-बाजों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच बारात श्री बाबा वनखंडी नाथ मंदिर पहुंची। मंदिर परिसर में श्री रामलीला समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बारातियों का स्वागत किया। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सजे-धजे दूल्हों की बारात ने आयोजन को यादगार बना दिया। पूरे परिसर में विवाहोत्सव जैसा उल्लास दिखाई दिया।
मंत्रोच्चारण के बीच लिए सात फेरे, अग्नि को साक्षी मानकर थामा एक-दूजे का हाथ
बाबा वनखंडी नाथ की पावन छत्रछाया में ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सभी 101 जोड़ों का विवाह विधि-विधान से संपन्न कराया। वरमाला के बाद अग्नि को साक्षी मानकर वर-वधुओं ने सात फेरे लिए और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया। मंत्रों की पवित्र ध्वनि और विवाह की पारंपरिक रस्मों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। समिति के पदाधिकारियों ने कन्यादान की रस्म में सहभागिता करते हुए नवविवाहित जोड़ों के सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
बेटियों को दिया गृहस्थी का सामान, विदाई के वक्त छलक उठीं भावनाएं
विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद नवविवाहित जोड़ों को मंच पर बैठाकर आशीर्वाद दिया गया। समिति की ओर से बेटियों को नए गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक उपहार सामग्री भेंट की गई। आयोजन स्थल पर सभी के भोजन की व्यवस्था भी की गई थी। जब विवाह के बाद बेटियों की विदाई का समय आया तो माहौल भावुक हो उठा। परिवारों की आंखों में बेटियों के बिछुड़ने की नमी थी, तो उनके नए जीवन की शुरुआत का संतोष भी दिखाई दिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह आयोजन केवल विवाह का माध्यम नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा के साथ बेटियों को विदा करने का अवसर भी बना।
धर्म के साथ समाजसेवा का संदेश, जरूरतमंद परिवारों के लिए बनी मिसाल
श्री रामलीला समिति का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों की मजबूत मिसाल भी पेश करता है। जहां विवाह समारोहों में बढ़ते खर्च और दिखावे के कारण कई परिवार आर्थिक दबाव का सामना करते हैं, वहीं सामूहिक विवाह जैसी परंपराएं समाज में सहयोग, सादगी और समानता का संदेश देती हैं। पप्पू गिरधारी और उनके परिवार द्वारा वर्षों से निभाई जा रही यह सेवा परंपरा बताती है कि धार्मिक आयोजनों की सार्थकता तभी और बढ़ जाती है, जब उनका लाभ समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचे। बेटियों के हाथ पीले कराने और उन्हें सम्मानपूर्वक गृहस्थ जीवन में प्रवेश कराने का यह प्रयास सामाजिक एकजुटता की प्रेरक तस्वीर बनकर उभरा।
वन मंत्री समेत जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद, आयोजन की सराहना
समारोह में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, विधायक डॉ. डीसी वर्मा, विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक पप्पू भरतौल, वरिष्ठ समाजसेवी शिवशंकर शर्मा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर मेला संरक्षक धर्मेंद्र राठौर उर्फ रिंकू, श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष सुरेश चंद्र राठौर, संरक्षक हरिओम राठौर, प्रमोद बिष्ट, गौरव अरमान, अग्रिम गुप्ता, मुन्ना लाल, लक्ष्मी नारायण, राजेश शर्मा (डीन), कुलभूषण शर्मा, विशाल राठौर, दीपक, मनोज, विजय, पार्वती और झब्बल मौर्य समेत समिति के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।