बरेली। महज 10 हजार रुपये के मानदेय में घर से 500 से 700 किलोमीटर दूर तैनाती और 11 साल से संविदा पर काम करने के बावजूद नियमितीकरण न होने से नाराज एएनएम कर्मचारियों ने बुधवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने समान कार्य-समान वेतन, नियमितीकरण और गृह जनपद के आसपास तैनाती की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कम मानदेय में दूर नौकरी, दोहरी मार
एएनएम कर्मचारियों का कहना था कि 10 हजार रुपये के मानदेय में परिवार चलाना पहले ही मुश्किल है। इसके बावजूद कई कर्मचारियों की तैनाती गृह जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर की गई है। दूसरे जिले में कमरा, भोजन और आवागमन का खर्च उठाने के बाद मानदेय का बड़ा हिस्सा वहीं खत्म हो जाता है। महिला कर्मचारियों ने दूर तैनाती को परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच बड़ी परेशानी बताया।
स्थायी कर्मचारियों जैसा काम, वेतन में बड़ा अंतर
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संविदा एएनएम भी टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में जिम्मेदारियां निभाती हैं। उनका कहना था कि काम और जिम्मेदारियां लगभग समान होने के बावजूद संविदा कर्मचारियों को कम मानदेय मिल रहा है। संगठन ने समान कार्य-समान वेतन लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
11 साल की सेवा के बाद भी संविदा
एएनएम कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से विभाग को सेवाएं दे रहे हैं। कई कर्मचारी करीब 11 साल से संविदा पर कार्यरत हैं, लेकिन अभी तक नियमितीकरण नहीं हुआ। उन्होंने लंबे अनुभव को देखते हुए नियमितीकरण की नीति लागू करने की मांग की।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने वेतन, स्थानांतरण और नियमितीकरण के मुद्दे पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का भी ऐलान किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगों की अनदेखी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर डाल सकती है।