बरेली। सर्पदंश के बाद इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे एक युवक के हाथ में जिंदा सांप देखकर इमरजेंसी में मौजूद मरीज और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। युवक सांप को झोले में बंद करके अस्पताल पहुंचा था। झोला देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। युवक ने बताया कि इसी सांप ने उसे डसा है। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया।

घर में काम करते समय सांप ने हाथ में डसा

रामनगर गोटिया निवासी अतुल सांप पकड़ने का काम करता है। मंगलवार सुबह वह घर में काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक सांप ने उसके हाथ में डस लिया। सर्पदंश के बाद घबराने के बजाय अतुल ने सांप को पकड़ लिया और उसे झोले में बंद कर दिया। इसके बाद परिजनों के साथ जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंच गया।

झोले में जिंदा सांप देखकर घबरा गए मरीज

अतुल जब इमरजेंसी पहुंचा तो उसके साथ जिंदा सांप वाला झोला भी था। झोले में सांप देखकर वहां मौजूद मरीज और तीमारदारों में अफरातफरी मच गई। डॉक्टरों ने युवक से पूरी जानकारी ली और तत्काल उसका उपचार शुरू किया। उसे एंटी स्नेक वेनम यानी एएसवी की खुराक दी गई।

उपचार के बाद युवक की हालत में सुधार

समय पर उपचार मिलने के बाद अतुल की हालत में सुधार हुआ। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बाद उसे अस्पताल से घर भेज दिया गया। युवक के साथ लाया गया जिंदा सांप भी इमरजेंसी में चर्चा का विषय बना रहा।

जुलाई से अब तक सर्पदंश के 134 मामले

बारिश के मौसम में जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। जुलाई से अब तक जिला अस्पताल में सर्पदंश के 134 मामले सामने आ चुके हैं। जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एलके सक्सेना ने बताया कि सांप के काटने के बाद मरीज को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। बारिश के बाद हर साल सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है।

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