बरेली। नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सीएमओ और एडी एसआईसी कार्यालय पर धरना देकर मांगें उठाईं। पदाधिकारियों ने कहा कि शासन से सकारात्मक जवाब मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में भी संविदाकर्मी सेवाएं नहीं देंगे।
जिला महामंत्री अविनाश त्रिपाठी ने एनएचएम कर्मचारियों से कार्य बहिष्कार कर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि आरोग्य मेले में सेवाएं नहीं देने के संबंध में उच्चाधिकारियों और शासन को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है। मेले में नियमित कर्मचारी सेवाएं देंगे। शनिवार को एनएचएम कर्मचारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन नियमित कामकाज का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। हालांकि, आवश्यक सेवाओं में सहयोग दिया गया।
12 अक्तूबर को लखनऊ में जुटेंगे कर्मचारी
धरने में पदाधिकारियों ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) के माध्यम से समायोजन करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए 12 अक्तूबर को लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की। संघ के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह ने बताया कि प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा के तहत ईपीएफ, महंगाई भत्ता, स्वास्थ्य बीमा और आयुष्मान योजना का लाभ देने की मांग की जा रही है।
नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों को सौंपी जिम्मेदारी
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि आरोग्य मेले में नियमित स्वास्थ्यकर्मियों और आउटसोर्स कर्मचारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के हित में संविदाकर्मियों से भी इमरजेंसी सेवाओं में सहयोग करने का अनुरोध किया गया है। धरने में आयुष मेडिकल एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव डॉ. आशीष गुप्ता, संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हरजिंदर सिंह, मंडल अध्यक्ष डॉ. विश्व दीपक पांडेय, मंडल संयोजक प्रतीक, जिला संयोजक शिवेश तिवारी, मंडल उपाध्यक्ष सत्येंद्र यादव, सुनील चौबे और मीडिया प्रभारी पुनीत सक्सेना समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।