bareillyनिरीक्षण करते उप परिवहन आयुक्त हरिशंकर सिंह।

बरेली। आरटीओ दफ्तर में शनिवार को अचानक उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) मेरठ हरिशंकर सिंह पहुंच गए। अफसर को सामने देखकर कार्यालय में हड़कंप मच गया। उन्होंने सीधे अलग-अलग पटलों का रुख किया और कर्मचारियों की हाजिरी से लेकर फाइलों तक की पड़ताल की। निरीक्षण के बाद काम कराने आए लोगों से खुद बातचीत कर पूछा कि कहीं किसी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति ने उनसे काम के बदले रुपये तो नहीं मांगे। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, स्टोरेज और कार्यालय में बिचौलियों की मौजूदगी भी जांची गई।

निरीक्षण के दौरान उप परिवहन आयुक्त हरिशंकर सिंह ने आरटीओ में मौजूद आवेदकों से सीधे बातचीत की। वाहन का पंजीकरण और ट्रांसफर कराने, मोबाइल नंबर अपडेट कराने, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और प्रवर्तन कार्रवाई के बाद वाहन रिलीज कराने पहुंचे लोगों से कामकाज का फीडबैक लिया गया। उनसे कर्मचारियों के व्यवहार और काम के बदले अवैध रुपये मांगे जाने को लेकर भी सवाल किए गए। विभाग के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान किसी आवेदक ने अवैध वसूली की शिकायत नहीं की।

आरटीओ में बिचौलियों की तलाश, एक-एक कक्ष पर नजर

आरटीओ कार्यालयों में बिचौलियों को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। ऐसे में औचक निरीक्षण के दौरान इस पहलू पर भी खास नजर रही। कार्यालय परिसर और आसपास अनधिकृत लोगों की मौजूदगी की जांच की गई। अलग-अलग कक्षों में देखा गया कि कहीं कोई बाहरी व्यक्ति विभागीय कामकाज में दखल तो नहीं दे रहा। निरीक्षण के दौरान कार्यालय के किसी कक्ष में कोई अनधिकृत व्यक्ति काम करता नहीं मिला। इसके बाद उप परिवहन आयुक्त की नजर कार्यालय की तीसरी आंख पर गई। आरटीओ परिसर और डीटीआई भवन में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया। कैमरे चालू मिले तो उनकी कवरेज तक सीमित रहने के बजाय रिकॉर्डिंग सिस्टम और स्टोरेज क्षमता भी जांची गई। विभाग ने सभी कैमरों के संचालित होने और व्यवस्था संतोषजनक मिलने की बात कही है।

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अचानक हुई हाजिरी की जांच, कर्मचारियों के आईकार्ड भी देखे

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी भी जांची गई। कौन कर्मचारी किस पटल पर तैनात है और मौके पर मौजूद है या नहीं, इसका सत्यापन किया गया। कर्मचारियों के विभागीय पहचान पत्र भी देखे गए। उपस्थिति पंजिका और कार्यालय के अभिलेखों की पड़ताल में निरीक्षण के समय सभी कार्मिक अपने कार्यस्थल पर मौजूद बताए गए। उप परिवहन आयुक्त ने कार्यालय प्रशासन से पूर्व में बिचौलियों और अनधिकृत गतिविधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से पूर्व में की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड देखा गया। इसके साथ ही अभिलेखों के रखरखाव और रिकॉर्ड मैनेजमेंट को और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।

अब नए भवन में शिफ्ट होने की तैयारी, बदलेंगी व्यवस्थाएं

निरीक्षण के बीच आरटीओ कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट करने को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई। विभाग का नया कार्यालय भवन बनकर तैयार हो चुका है और मौजूदा कार्यालय को जल्द वहां स्थानांतरित करने की तैयारी है। नए भवन में शिफ्टिंग के बाद रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के साथ आवेदकों के लिए सुविधाएं और कार्यालय संचालन बेहतर होने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान एआरटीओ प्रशासन डॉ. पीके सरोज, एआरटीओ प्रवर्तन वैभव सोती, आरआई हारून सैफी और यात्रीकर अधिकारी रमेश प्रजापति समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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