बरेली। जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार पैर पसार रहा है। बुधवार को मां-बेटे समेत चार और लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। नए मरीज सामने आने के बाद जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमों ने मरीजों के घर पहुंचकर दवाएं उपलब्ध कराने के साथ बचाव के उपाय बताए हैं।
गढ़ैया में मां-बेटा दोनों संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक गढ़ैया निवासी 54 वर्षीय महिला और उसका बेटा जांच में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा मढ़ीनाथ की 19 वर्षीय युवती और भदपुरा निवासी 74 वर्षीय बुजुर्ग में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। चार नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें संबंधित इलाकों में सक्रिय हो गई हैं।
संपर्क में आए लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर
संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मरीजों और उनके परिजनों की सेहत के बारे में जानकारी ली और नियमानुसार दवाएं उपलब्ध कराईं। संक्रमण की चेन रोकने के लिए संपर्क में आए लोगों की निगरानी भी की जा रही है।
बुखार-खांसी को न करें नजरअंदाज
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन के मुताबिक स्वाइन फ्लू के फैलाव को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराएं और स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें।
ये हैं स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
अचानक तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान, नाक बहना या बंद होना और ठंड लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा खतरा
चिकित्सकों के मुताबिक पांच साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को संक्रमण से अधिक खतरा रहता है। अस्थमा, मधुमेह, हृदय और किडनी रोग से पीड़ित लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार बुखार या अत्यधिक कमजोरी होने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।