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UP NEWSAI चित्र।

बरेली। बरेली बार एसोसिएशन में बेशकीमती जमीन और नए अधिवक्ता चैंबरों के आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। बार की करोड़ों रुपये की जमीन के कथित निजी सौदों और नए चैंबर दिलाने के नाम पर 10-10 लाख रुपये वसूले जाने के आरोपों से अधिवक्ताओं में नाराजगी है। इस मामले में अधिवक्ता अंगन सिंह ने बार एसोसिएशन के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर अध्यक्ष और सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए सार्वजनिक अपील जारी की है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और बार की जनरल हाउस की बैठक बुलाने की मांग की है।

बार की जमीन के निजी सौदे का आरोप

अधिवक्ता अंगन सिंह का आरोप है कि डाकघर के सामने स्थित बार की करोड़ों रुपये की जमीन का गुपचुप तरीके से सौदा किया गया है। इसके साथ ही नए चैंबर दिलाने का झांसा देकर जूनियर अधिवक्ताओं, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और गैर-अधिवक्ताओं से कथित तौर पर 10-10 लाख रुपये की भारी रकम एडवांस के रूप में वसूली जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के अचानक जमीन की नाप-जोख और गड्ढे खोदे जाने से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। आरोप है कि संस्था की संपत्ति पर योजनाबद्ध तरीके से कब्जा करने और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

बार एसोसिएशन के फंड से लाखों रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला भी उठाया

अधिवक्ता अंगन सिंह ने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में बार एसोसिएशन के फंड से लाखों रुपये की कथित अवैध निकासी का मामला भी सामने आ चुका है। इस प्रकरण में एडवोकेट बार एसोसिएशन ने पांच प्रमुख बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं। इनमें बाबू पोशाकी लाल द्वारा दान की गई जमीन के मूल मालिकाना हक और शर्तों, जनरल हाउस व मैनेजमेंट कमेटी को दरकिनार किए जाने, निर्माण के स्वीकृत नक्शे और एस्टीमेट को सार्वजनिक न किए जाने, आवंटन के स्पष्ट आधार तथा बैंक एंट्री और रसीद जैसे वित्तीय प्रमाण उपलब्ध न कराए जाने के मुद्दे शामिल हैं।

जनरल हाउस की बैठक बुलाने की मांग

मामले को लेकर बार से जुड़े अधिवक्ताओं ने मांग की है कि बार कार्यकारिणी तत्काल जनरल हाउस की बैठक बुलाए। साथ ही संदिग्ध चैंबर आवंटन प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और बाहरी लोगों से कथित तौर पर लिए गए धन का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि बार की संपत्ति और चैंबर आवंटन से जुड़े निर्णय पारदर्शी तरीके से होने चाहिए, ताकि पात्र अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी न हो।

युवा अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी का आरोप

अधिवक्ता अंगन सिंह ने कहा कि बार में चैंबरों का निर्माण कराना गलत नहीं है, लेकिन निर्माण कार्य नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा लोग नहीं चाहते कि युवा अधिवक्ता सम्मानपूर्वक अपना विधि व्यवसाय कर सकें। उनका कहना है कि चैंबर आवंटन में वास्तविक जरूरतमंद और युवा अधिवक्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। बार की संपत्ति का इस्तेमाल अधिवक्ताओं के हित में होना चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए।

नियम विरुद्ध बैंक खाते से रकम गबन करने का भी आरोप

अंगन सिंह ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और सचिव ने नियमों के विरुद्ध बैंक खाते से लाखों रुपये का गबन किया है। उन्होंने दावा किया कि बिना जनरल हाउस, एस्टीमेट और मैनेजमेंट कमेटी की अनुमति के चैंबर आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही व्यक्तिगत खातों में अलग-अलग लाख रुपये की बंदरबांट किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां युवा अधिवक्ताओं के भविष्य और बार एसोसिएशन की विश्वसनीयता के साथ खिलवाड़ हैं।

सचिव ने कहा-वक्त आने पर दिया जाएगा जवाब

वहीं, बरेली बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडेय ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बार में चैंबरों का निर्माण कराने की प्रक्रिया चल रही है और निर्माण कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि युवा अधिवक्ता सम्मानपूर्वक अपना विधि व्यवसाय करें। ऐसे लोगों को ओछी मानसिकता की राजनीति से बाज आना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने वालों को वक्त आने पर खुद-ब-खुद जवाब मिल जाएगा।

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