बरेली। जिले में धान बेचने वाले किसानों को अब फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो सकी है, उनकी रजिस्ट्री धान क्रय केंद्रों पर ही कराई जाएगी। इसके लिए केंद्रों पर कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो किसानों को पंजीकरण कराने में सहयोग करेंगे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने धान खरीद की समीक्षा बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीद की तैयारियों को लेकर आयोजित कार्यशाला में जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को धान बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें क्रय केंद्रों पर ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
जिले में बनाए गए 140 धान क्रय केंद्र
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि जिले में धान खरीद के लिए कुल 140 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 46, पीसीएफ के 35, यूपीएसएस के 27, पीसीयू के 28, मंडी समिति के दो और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के दो केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों से धान की खरीद की जाएगी।
क्रय केंद्रों पर पेयजल और बैठने की व्यवस्था के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को खरीद से संबंधित व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर बोरे, आवश्यक अभिलेख और इलेक्ट्रॉनिक कांटे शत-प्रतिशत उपलब्ध होने चाहिए। किसानों के बैठने के लिए उचित स्थान के साथ पेयजल और जलपान की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डीएम ने क्रय केंद्रों पर कार्यरत मजदूरों को पहचानपत्र जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों की शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर जारी करने को कहा, ताकि धान खरीद के दौरान आने वाली परेशानियों का समय से निस्तारण किया जा सके। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अतुल कुमार सहित सभी क्रय केंद्र प्रभारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।