बरेली। शहर में अपनी जमीन खरीदकर घर बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए ग्रेटर बरेली से बड़ी खबर है। करीब दो साल से अटका सेक्टर-पांच अब आगे बढ़ने जा रहा है। बुधवार को इस सेक्टर का रेरा पंजीकरण हो गया। इसके बाद यहां आवासीय भूखंडों के पंजीकरण और विकास कार्यों का रास्ता साफ हो गया है। बीडीए अब जल्द भूखंडों के लिए पंजीकरण खोलने की तैयारी में है।
ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के दूसरे सेक्टरों का रेरा पंजीकरण 31 दिसंबर 2024 को ही हो गया था, लेकिन सेक्टर-पांच मामला अटक गया। तकनीकी और वित्तीय स्तर पर कई पेच फंसे होने के कारण करीब दो साल तक इसे रेरा से मंजूरी नहीं मिल सकी। इसका सीधा असर भूखंडों के पंजीकरण पर पड़ा और लोगों को इंतजार करना पड़ा। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कार्यभार संभालने के बाद सेक्टर-पांच की अटकी फाइल को प्राथमिकता पर लिया। कहां मामला फंसा है और कौन सी औपचारिकता बाकी है, इसकी समीक्षा की गई। अलग-अलग स्तर पर लंबित मामलों की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई और रेरा के मुताबिक जरूरी दस्तावेज पूरे कराए गए।
लगातार फॉलोअप के बाद मिली रेरा की मंजूरी
पिछले करीब ढाई महीने से सेक्टर-पांच को लेकर लगातार कवायद चल रही थी। दस्तावेजों से लेकर तकनीकी और वित्तीय अड़चनों तक को दूर किया गया। अलग-अलग स्तर पर समन्वय और फॉलोअप के बाद बुधवार को आखिरकार रेरा पंजीकरण जारी हो गया। इसी के साथ लंबे समय से अटकी योजना के इस हिस्से को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया। रेरा पंजीकरण के बाद सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जो ग्रेटर बरेली में आवासीय भूखंड लेना चाहते हैं। बीडीए अब सेक्टर-पांच के विकास कार्यों के साथ भूखंड पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करेगा। इसके बाद आम लोगों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। यानी शहर में नियोजित कॉलोनी में मकान बनाने की चाह रखने वालों के सामने जल्द एक नया विकल्प होगा।
ग्रेटर बरेली के विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार
ग्रेटर बरेली को शहर के भविष्य के बड़े आवासीय विस्तार के तौर पर विकसित किया जा रहा है। सेक्टर-पांच के अटकने से योजना का एक अहम हिस्सा आगे नहीं बढ़ पा रहा था। रेरा पंजीकरण मिलने के बाद अब इस सेक्टर में विकास की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। इससे नए आवासीय भूखंड उपलब्ध होने के साथ ग्रेटर बरेली के विस्तार को भी गति मिलेगी। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय का कहना है कि सेक्टर-पांच के रेरा पंजीकरण में प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्तर के कुछ मामले लंबित थे। पिछले ढाई महीने में इनकी लगातार समीक्षा कर जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराई गईं। अब सेक्टर-पांच के विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और जल्द भूखंडों का पंजीकरण शुरू कराने पर फोकस रहेगा।