बरेली। अवैध असलाह बनाने वाले गिरोह पर कैंट पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। डीएम अविनाश सिंह से गैंगचार्ट को मंजूरी मिलने के बाद इंस्पेक्टर संजय धीर ने गैंग लीडर समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना कालीबाड़ी निवासी राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा है।
चिरकुंडा गैंग लीडर, पांच अन्य सदस्य
पुलिस ने कालीबाड़ी निवासी राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा पुत्र लालता प्रसाद को गैंग लीडर बनाया है। उसके साथ अभिषेक, प्रेम कच्छू उर्फ किच्छू, आकाश और फाल्तूनगंज कालीबाड़ी निवासी अक्षय समेत छह आरोपियों को गैंग में शामिल बताया गया है। आरोपियों की उम्र करीब 24 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ अवैध असलाह बनाने के मामले में पहले से आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि गिरोह इसी तरह की आपराधिक गतिविधियों से आर्थिक लाभ हासिल करता था और उससे अपना व परिवार का खर्च चलाता था।
मोहल्ले में गोपनीय पड़ताल, फिर तैयार हुआ गैंगचार्ट
गैंगस्टर की कार्रवाई से पहले पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और चाल-चलन की स्थानीय स्तर पर गोपनीय जांच कराई। इसके बाद पुराने मुकदमे और पुलिस की पड़ताल को आधार बनाकर गैंगचार्ट तैयार किया गया। अनुमोदन के लिए इसे डीएम के पास भेजा गया था। डीएम अविनाश सिंह से गैंगचार्ट को मंजूरी मिलने के बाद कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक संजय धीर ने छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस अब गिरोह की गतिविधियों, उससे जुड़े लोगों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।