बरेली। स्वास्थ्य विभाग ने अपंजीकृत पैथोलॉजी लैब और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नोडल अधिकारी डॉ. सुचिता गंगवार के नेतृत्व में हुई जांच के दौरान कई प्रतिष्ठान आवश्यक पंजीकरण और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। जांच में सहारा पैथोलॉजी लैब, मनोरमा देवी पॉलीक्लीनिक, बहेड़ी पैथोलॉजी लैब, ग्रीन पैथोलॉजी लैब और बायो केयर पैथोलॉजी लैब समेत अन्य प्रतिष्ठानों की पड़ताल की गई।
छह प्रतिष्ठान अपंजीकृत मिले, मौके पर सील की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच में अपंजीकृत पाए गए पैथोलॉजी लैबों को सील कर दिया गया। कार्रवाई की जद में सहारा पैथोलॉजी लैब, बहेड़ी पैथोलॉजी लैब, ग्रीन पैथोलॉजी लैब और बायो केयर पैथोलॉजी लैब समेत संबंधित प्रतिष्ठान शामिल रहे। नोडल अधिकारी डॉ. सुचिता गंगवार ने जांच के दौरान पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता को प्रमुखता से देखा।
एमके पॉलीक्लीनिक को दो नोटिस, दस्तावेज अब तक नहीं
एमके पॉलीक्लीनिक को आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के लिए दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद संचालक की ओर से अब तक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रतिष्ठान के दस्तावेज और पंजीकरण की स्थिति की जांच की। नोडल अधिकारी डॉ. सुचिता गंगवार की निगरानी में विभागीय टीम ने संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमानुसार कार्रवाई के लिए नोटिस दिए।
शिव शक्ति डिलीवरी प्वाइंट पर शिकायत के बाद पहुंची टीम, बाहर से मिला ताला
शिव शक्ति डिलीवरी प्वाइंट के संबंध में शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान प्रतिष्ठान के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला। विभाग ने मौके की स्थिति को जांच प्रक्रिया में शामिल किया है। डॉ सुचिता गंगवार नोडल अधिकारी ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों का पंजीकरण नहीं मिला, उनके खिलाफ सील की कार्रवाई की गई है, जबकि अन्य प्रतिष्ठानों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।