बरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में एनएसएस ने स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त परिसर और रक्तदान जागरूकता अभियान चलाया। कुलपति की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन और कुलसचिव के सानिध्य में आयोजित अभियान में स्वयंसेवकों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों में श्रमदान कर प्लास्टिक व अन्य कचरा एकत्र किया। इसके बाद रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ कई स्वयंसेवकों ने स्वेच्छा से रक्तदान भी किया।
कुलपति ने किया मार्गदर्शन, स्वयंसेवकों का बढ़ाया उत्साह
अभियान के दौरान कुलपति स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और एनएसएस स्वयंसेवकों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय में एनएसएस स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय रहे हैं और नशा मुक्ति अभियान में भी भाग लिया था। उन्होंने छात्रों को सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में लगातार भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कुलसचिव की मौजूदगी में आगे बढ़ा अभियान
विश्वविद्यालय के कुलसचिव अभियान के दौरान सानिध्य प्रदान करते हुए कार्यक्रम से जुड़े रहे। उनके सानिध्य में एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त परिसर अभियान को गति दी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऐसे सामाजिक अभियानों में विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया।
परिसर के प्रमुख स्थानों पर किया श्रमदान
अभियान की शुरुआत डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने हुई। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर विनय ऋषिवाल के सानिध्य में एनएसएस स्वयंसेवकों की अलग-अलग टोलियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन, पांचाल संग्रहालय, प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति विभाग के सामने पार्क और प्लेसमेंट सेल समेत विभिन्न स्थानों पर सफाई की। स्वयंसेवकों ने प्लास्टिक बोतल, पॉलीथिन और अन्य कचरा एकत्र कर कूड़ेदान में डाला।
रक्तदान के लिए भी चलाया जागरूकता अभियान
स्वच्छता अभियान के बाद स्वयंसेवक विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान उन्होंने लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया। कई स्वयंसेवकों ने स्वयं रक्तदान कर इस अभियान में सहभागिता की।
इनकी रही प्रमुख भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पवन कुमार सिंह के निर्देशन में हुआ। शशांक गंगवार, शिवम गंगवार, आशुतोष, अर्पित, युवांश, आयुष गंगवार, उज्जवल सिंह, परिणीता, भाग्यश्री और सिया मौर्य समेत बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।