नोएडा। दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान दमघोंटू हवा और बढ़ते प्रदूषण के बीच गौतमबुद्ध नगर में निगरानी का नेटवर्क और मजबूत होने जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) जिले में 11 अतिरिक्त वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इनमें चार स्टेशन नोएडा और सात ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगाए जाने हैं। नए स्टेशन शुरू होने के बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों की हवा का हाल अधिक सटीक तरीके से सामने आ सकेगा।
हर पांच किलोमीटर पर हवा की निगरानी की तैयारी
गौतमबुद्ध नगर में सर्दियों और दिवाली के आसपास वायु प्रदूषण गंभीर चुनौती बन जाता है। मौसम की परिस्थितियों, धूल, वाहनों और अन्य कारणों से कई बार AQI तेजी से खराब श्रेणी में पहुंच जाता है। ऐसे में प्रदूषण के हॉटस्पॉट की समय रहते पहचान बेहद अहम हो जाती है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के मानकों के तहत निगरानी नेटवर्क को इस तरह विस्तार देने की योजना है कि लगभग हर पांच किलोमीटर के दायरे में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
अभी छह स्टेशन, 11 और जुड़ने से मजबूत होगा नेटवर्क
फिलहाल नोएडा में चार और ग्रेटर नोएडा में दो वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन संचालित हैं। 11 नए स्टेशन शुरू होने के बाद जिले में निगरानी केंद्रों की संख्या बढ़कर 17 हो जाएगी। परियोजना पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नोएडा में इन चार स्थानों पर लगेंगे नए स्टेशन
नोएडा में नए स्टेशन स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। CPCB की ओर से नोएडा प्राधिकरण से जमीन मांगी गई थी, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्ताव के अनुसार नए स्टेशन सेक्टर-110 स्थित महर्षि नगर, सेक्टर-150 के भगत सिंह पार्क, सेक्टर-39 डिग्री कॉलेज और सेक्टर-49 यूजीडब्ल्यूआर में लगाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि स्टेशनों के लिए आवश्यक मशीनरी संबंधित एजेंसी को मिल चुकी है और अब स्थापना का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
सेक्टर-62 से एमिटी यूनिवर्सिटी तक अभी यहां मापी जा रही हवा
नोएडा में वर्तमान समय में सेक्टर-62, सेक्टर-116 जलकल विभाग, सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी और सेक्टर-1 स्थित प्रदूषण विभाग परिसर में मॉनिटरिंग स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं। इनसे शहर की वायु गुणवत्ता का डेटा लगातार जुटाया जाता है।
ग्रेटर नोएडा में सात नए स्टेशनों की योजना
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सात अतिरिक्त मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की तैयारी है। प्रस्तावित स्थानों में सावित्री बाई फुले बालिका इंटर कॉलेज कासना, गौर यमुना सिटी यीडा, जवाहर नवोदय विद्यालय धूम मानिकपुर दादरी, डीएमआईसीडीसी का वाटर पंपिंग स्टेशन, शिव नादर इंस्टीट्यूट छिठैरा दादरी और सेंट जॉर्ज स्कूल क्षेत्र शामिल हैं। शेष प्रस्तावित स्थान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
सिर्फ AQI नहीं, प्रदूषण के हॉटस्पॉट भी आएंगे पकड़ में
नए स्टेशन केवल AQI का आंकड़ा बताने तक सीमित नहीं रहेंगे। अलग-अलग क्षेत्रों से मिलने वाले डेटा की तुलना कर यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस इलाके में प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ रहा है और इसके पीछे संभावित स्रोत क्या हो सकते हैं। किसी क्षेत्र में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ने पर संबंधित विभागों को समय रहते कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी। इससे धूल, यातायात, निर्माण गतिविधियों और दूसरे संभावित प्रदूषण स्रोतों वाले हॉटस्पॉट की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।