बरेली। स्वास्थ्य विभाग में एक ट्रांसफर तीन महीने बाद भी सवालों में घिरा है। सीएमओ ऑफिस बरेली में तैनात सीनियर असिस्टेंट नीलम रॉय का 31 मई को हापुड़ ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन वह अब तक बरेली की कुर्सी पर बनी हुई हैं। हापुड़ सीएमओ का कहना है कि नीलम रॉय ने उनके यहां अभी तक ज्वाइन नहीं किया है। बड़ा सवाल है कि आखिर ट्रांसफर के तीन महीने बाद भी उन्हें बरेली से रिलीव क्यों नहीं किया गया?
स्वास्थ्य विभाग ने 31 मई 2026 को कर्मचारियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की थी। इसमें क्रम संख्या 29 पर सीनियर असिस्टेंट नीलम रॉय का नाम है। कर्मचारी संख्या 116597 के सामने पुरानी तैनाती CMO Bareilly और नई तैनाती CMO Hapur दर्ज है। आदेश बिल्कुल साफ था, लेकिन तीन महीने गुजरने के बाद भी नीलम रॉय हापुड़ नहीं पहुंचीं। अब सवाल उठ रहा है कि ट्रांसफर होने के बाद भी वह बरेली में कैसे बनी हुई हैं और उन्हें रिलीव क्यों नहीं किया गया?
हापुड़ CMO ने खोली ज्वाइनिंग की हकीकत
इस मामले में सीएमओ हापुड़ से जानकारी की गई तो उन्होंने साफ बताया कि नीलम रॉय ने अभी तक हापुड़ में ज्वाइन नहीं किया है। इसके बाद मामला और चौंकाने वाला हो गया। ट्रांसफर के तीन महीने बाद भी कर्मचारी नई जगह नहीं पहुंची तो बरेली में उन्हें रोकने की वजह क्या है? क्या उन्हें रोकने के लिए कोई नया आदेश आया है या फिर पुराना ट्रांसफर आदेश यूं ही फाइलों में पड़ा है?
जून से हापुड़ से मिलना था वेतन, अब यहां भी बड़ा सवाल
31 मई के ट्रांसफर आदेश में यह भी साफ था कि स्थानांतरित कर्मचारियों का जून 2026 से वेतन नई तैनाती वाली जगह से निकाला जाएगा। पुराने कार्यालय से वेतन जारी होने पर कार्रवाई की चेतावनी तक दी गई थी। अब नीलम रॉय के मामले में सबसे बड़ा सवाल वेतन को लेकर भी खड़ा हो गया है। जून, जुलाई और अगस्त का उनका वेतन आखिर कहां से निकला? बरेली से या हापुड़ से? इसकी जांच से ट्रांसफर की पूरी कहानी सामने आ सकती है।
रिलीव नहीं किया तो आखिर क्यों?
मामला सिर्फ एक कर्मचारी के हापुड़ ज्वाइन नहीं करने का नहीं है। असली सवाल बरेली से रिलीव किए जाने का है। अगर ट्रांसफर आदेश 31 मई को आ गया था तो तीन महीने बाद भी नीलम रॉय को कार्यमुक्त क्यों नहीं किया गया? क्या सीएमओ कार्यालय के पास उन्हें बरेली में रोकने का कोई आदेश है? अगर है तो वह कब और किस स्तर से जारी हुआ? अगर कोई आदेश नहीं है तो तीन महीने से ट्रांसफर क्यों अटका है?
CMO बरेली ने नहीं उठाया फोन
पूरे मामले पर सीएमओ बरेली डॉ. विश्राम सिंह का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। इसलिए नीलम रॉय को अब तक बरेली से रिलीव नहीं किए जाने की वजह सामने नहीं आ सकी। फिलहाल हापुड़ सीएमओ की पुष्टि ने इतना साफ कर दिया है कि 31 मई को बरेली से हापुड़ ट्रांसफर हुईं नीलम रॉय ने तीन महीने बाद भी हापुड़ में ज्वाइन नहीं किया है। अब निगाह इस बात पर है कि स्वास्थ्य विभाग इस ट्रांसफर पर क्या कदम उठाता है।