बरेली। बरेली जंक्शन पर यात्रियों को परोसा जा रहा खाना कितना सुरक्षित है और वाटर बूथ से निकलने वाला पानी पीने लायक है या नहीं, इसकी हकीकत जानने के लिए रविवार को रेलवे की टीम स्टेशन पर उतर गई। खान-पान स्टॉल से लेकर ट्रॉली तक जांच हुई तो कागजात दुरुस्त मिले, मगर सफाई के मोर्चे पर खामी पकड़ में आ गई। रेलवे ने दो संबंधित संचालकों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं जनता खाना और पानी के नमूने लैब भेजे गए हैं।
मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव के निर्देश पर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक मो इमरान की टीम ने बरेली जंक्शन पर खान-पान व्यवस्था की जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर संचालित एम/एस वेंडर्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी और अशफाक उल्ला खान-पान ट्रॉली टीम के निशाने पर रही। यहां वेंडरों के पहचान पत्र से लेकर फूड लाइसेंस और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र तक देखे गए।
कागज पूरे मिले, मगर सफाई में फंस गई खान-पान ट्रॉली
जांच के दौरान पहचान पत्र, फूड लाइसेंस और मेडिकल प्रमाणपत्र सही पाए गए। यात्रियों के लिए रेट लिस्ट भी लगी हुई थी। इसके बाद टीम ने खाना रखने और बेचने वाली जगहों की सफाई पर नजर दौड़ाई तो खान-पान ट्रॉली की व्यवस्था मानकों पर खरी नहीं उतरी। गंदगी और सफाई में कमी मिलने पर रेलवे ने संबंधित वेंडर और यूनिट संचालक पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। रेलवे की जांच सिर्फ कागजात और सफाई तक सीमित नहीं रही। कम कीमत में यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले जनता खाना की गुणवत्ता भी जांच के दायरे में आ गई। टीम ने मौके से खाने का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेज दिया है। अब लैब रिपोर्ट बताएगी कि यात्रियों को परोसा जा रहा खाना गुणवत्ता और सुरक्षा के तय मानकों पर कितना खरा है।
नल से निकलने वाला पानी भी जांच के घेरे में
स्टेशन पर यात्रियों के लिए उपलब्ध पेयजल की भी जांच शुरू कर दी गई है। टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर-1 के वाटर बूथ संख्या-3 और प्लेटफॉर्म नंबर-2 के वाटर बूथ संख्या-2 से पानी के नमूने लिए हैं। इनमें E. coli की मौजूदगी की जांच कराई जाएगी। दोनों नमूने प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रेलवे अधिकारियों ने खान-पान इकाइयों को साफ-सफाई दुरुस्त रखने, पर्याप्त कूड़ेदान लगाने और कचरे का सही तरीके से निस्तारण करने की हिदायत दी है। खाद्य सामग्री तैयार करने और बेचने वाली जगहों पर स्वच्छता के मानकों से समझौता नहीं करने को कहा गया है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों के खाने और पानी की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए बरेली जंक्शन पर इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी।