बरेली। किला क्षेत्र के स्वालेनगर स्थित छोटी कर्बला में नाजिम हुसैन रिजवी का शव दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कब्र के लिए जगह खोदे जाने के बाद मुतवल्ली परिवार की महिलाओं ने शव दफनाने का विरोध कर दिया। उनका दावा था कि यह उनके परिवार की निजी वक्फ संपत्ति है और यहां उनके पूर्वजों को दफन किया जाता है। मामला गरमाया तो किला पुलिस पहुंची। काफी बातचीत के बाद आखिरकार इसी कर्बला में शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
किला क्षेत्र के कंगी टोला निवासी नाजिम हुसैन रिजवी पुत्र साजिद हुसैन रिजवी अंजुमन गुलदस्ते हैदरी में नाजिम-ए-दस्ता थे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। परिजनों के मुताबिक रात में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। कुछ समय बाद उनका निधन हो गया। मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में शोक छा गया।
छोटी कर्बला में खोदी जा रही थी कब्र, तभी शुरू हुआ विरोध
परिवार ने नाजिम हुसैन रिजवी को स्वालेनगर स्थित छोटी कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी शुरू की। परिजनों का कहना है कि इसके लिए मुतवल्ली से अनुमति भी ली गई थी। अनुमति मिलने के बाद कर्बला में कब्र के लिए जगह खोदी जाने लगी। इसी दौरान मुतवल्ली परिवार की महिलाओं ने वहां शव दफनाने पर आपत्ति जता दी। इससे मौके पर कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला गरमा गया।
यह हमारी निजी वक्फ संपत्ति, यहां हमारे पूर्वज होते हैं दफन
विरोध करने वाली महिलाओं का दावा था कि छोटी कर्बला की यह जमीन उनके परिवार की निजी वक्फ संपत्ति है। यहां उनके पूर्वजों को दफन किया जाता रहा है, इसलिए नाजिम हुसैन रिजवी के शव को यहां दफन नहीं किया जा सकता। उन्होंने परिजनों से शव को किसी दूसरी जगह ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक करने को कहा। परिवार के लोगों ने पहले से अनुमति मिलने की बात कही। इसी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया।
बढ़ा विवाद तो किला पुलिस को दी खबर
शव दफनाने को लेकर तनातनी बढ़ती देख नाजिम हुसैन रिजवी के परिवार ने किला पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनी। पुलिस ने मुतवल्ली और उनके परिवार से बातचीत कर मामले को शांत कराने की कोशिश की। काफी देर चली बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद नाजिम हुसैन रिजवी के शव को स्वालेनगर स्थित छोटी कर्बला में ही सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शव दफन होने के बाद विवाद समाप्त हुआ और पुलिस ने भी राहत की सांस ली।