बरेली। घायल बंदर की मदद करना एक रिक्शा चालक को भारी पड़ गया। रविवार सुबह सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर के पास घायल बंदर के बच्चे के नजदीक पहुंचे 45 वर्षीय शराफत पर अचानक बंदरों का झुंड टूट पड़ा। बंदरों ने उनकी एड़ी में कई जगह काटकर घायल कर दिया। मंदिर के पुजारी ने एंबुलेंस बुलाकर उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
शराफत के मुताबिक रविवार सुबह करीब छह बजे वह रिक्शा लेकर सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर की ओर गए थे। मंदिर पहुंचने के बाद वह टंकी के पास मुंह धोने गए। इसी दौरान उनकी नजर सड़क पर घायल पड़े एक बंदर पर पड़ी। उसे देखकर शराफत मदद के लिए उसके पास जाने लगे। बताया कि जैसे ही वह घायल बंदर के नजदीक पहुंचे, अचानक वहां मौजूद बंदरों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। बचने की कोशिश के दौरान बंदरों ने उनके पैर की एड़ी में कई जगह काट लिया। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए।
पुजारी ने बुलाई एंबुलेंस
शराफत को घायल देखकर मंदिर के पुजारी उनकी मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायल रिक्शा चालक को जिला अस्पताल भेजा। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल ई-रिक्शा चालक की हालत स्थिर है।
इलाके में बंदरों की दहशत, समाधान की मांग
घटना के बाद आसपास के लोगों में बंदरों के हमलों को लेकर दहशत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बंदरों की संख्या बढ़ने के साथ उनके हमले भी बढ़ रहे हैं। राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।